चित्तौड़गढ़। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष (सार्द्ध चतुःशती) पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर 17 जून को उदयपुर में आयोजित होने वाले भव्य महाआयोजन की तैयारियां चित्तौड़गढ़ में पूर्ण कर ली गई हैं। इसी क्रम में रविवार को चामटीखेड़ा रोड स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय ‘वसुधा’ में तैयारियों की समीक्षा को लेकर अंतिम बैठक आयोजित की गई।
कार्यक्रम के विभाग संयोजक विश्वनाथ टांक ने बताया कि बैठक में चित्तौड़गढ़ से उदयपुर पहुंचने की समस्त व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। 17 जून को प्रातः जिलेभर से राष्ट्रभक्त नागरिकों, युवाओं एवं मातृशक्ति को लेकर बसों तथा विभिन्न निजी एवं सामूहिक वाहनों का विशाल काफिला उदयपुर स्थित महाराणा भूपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) के लिए रवाना होगा। बैठक में वाहनों की रवानगी, समय, मार्ग एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं से संबंधित जिम्मेदारियों का निर्धारण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
खंडों एवं बस्तियों में चला व्यापक जनसंपर्क अभियान-
नगर संयोजक रवि विराणी ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए चित्तौड़गढ़ नगर मंडल के विभिन्न खंडों एवं बस्तियों में लगातार बैठकों का आयोजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों को कार्यक्रम की जानकारी दी तथा निमंत्रण पत्र वितरित किए। इसके अलावा चित्तौड़ दुर्ग एवं नगर के प्रमुख संतों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
सरसंघचालक मोहन भागवत करेंगे संबोधित-
जिला सह-संयोजक मनोज साहू ने बताया कि 17 जून को प्रातः 9रू30 बजे आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनका उद्बोधन युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान एवं सांस्कृतिक चेतना का संचार करेगा।
अधिक से अधिक सहभागिता की अपील-
आयोजन समिति ने चित्तौड़गढ़ जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे मेवाड़ के गौरव एवं स्वाभिमान के इस ऐतिहासिक उत्सव के साक्षी बनने के लिए 17 जून को सपरिवार एवं मित्रों सहित उदयपुर पहुंचें।
बैठक में सभी मंडल प्रमुखों एवं खंड प्रमुखों को अपने-अपने क्षेत्रों से गणमान्य नागरिकों को निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे तथा अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।