सरवानिया महाराज। क्षेत्र में मानसून आगमन से पूर्व खेतों की जुताई, हकाई एवं अन्य कृषि कार्यों का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन किसान इन दिनों डीजल की समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक ओर पेट्रोल पंपों पर डीजल की उपलब्धता सीमित है, वहीं दूसरी ओर पंप संचालक पीपे, टंकियों एवं डिब्बों में डीजल देने से इनकार कर रहे हैं, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों के अनुसार ट्रैक्टर, जनरेटर, जेसीबी मशीन एवं अन्य कृषि उपकरण अधिकांश समय खेतों में ही रहते हैं। ऐसे में उन्हें डीजल भरवाने के लिए कई किलोमीटर दूर स्थित पेट्रोल पंप तक ले जाना व्यावहारिक नहीं है। इससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही है।
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि वर्तमान में खेती-किसानी के महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं। डीजल नहीं मिलने से जुताई एवं अन्य कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप संचालक केन, पीपे या टंकियों में डीजल देने से साफ मना कर रहे हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसानों की पहचान एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें पीपे या टंकियों में डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कृषि कार्य बाधित न हों।
किसानों ने यह भी बताया कि डीजल के साथ-साथ खाद की उपलब्धता को लेकर भी समस्या सामने आ रही है, जिससे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है।