उज्जैन। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं की खबरों के बीच अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर ट्रस्ट को भंग करने, मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ट्रस्ट भंग करने की मांग
अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देशवासियों की आस्था और लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़ी गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं।
महेश शर्मा ने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के साथ दान, सोना-चांदी और अन्य सामग्री मंदिर को समर्पित की है। ऐसे में यदि दान राशि के उपयोग को लेकर कोई अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
महासंघ ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे की राशि के प्रबंधन की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
ट्रस्ट में बदलाव का सुझाव
महासंघ के राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने कहा कि यदि ट्रस्ट के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को इसकी समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण से जुड़े परिवारों के योग्य प्रतिनिधियों को ट्रस्ट में शामिल करने पर विचार किया जाए।
उनका कहना है कि ऐसे लोग मंदिर की परंपराओं और आस्था से गहराई से जुड़े रहे हैं तथा वे अधिक जिम्मेदारी के साथ इसकी सेवा कर सकते हैं।
सरकार से हस्तक्षेप की अपील
महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके संचालन को लेकर उठने वाले सभी सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष जवाब सामने आना चाहिए।