सिवनी। जिले की छपारा जनपद पंचायत के अंजनिया ग्राम पंचायत के चंडी-अंजनिया गांव में रविवार को ग्रामीणों ने पेयजल संकट के विरोध में सड़क जाम कर दी। सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस प्रदर्शन से आवागमन बाधित हुआ और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि भीमगढ़ स्थित संजय सरोवर बांध के निर्माण के दौरान उनकी पूर्वजों की जमीन डूब क्षेत्र में चली गई थी। विडंबना यह है कि इसी बांध से सिवनी, बालाघाट और अन्य क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति की जाती है, जबकि अंजनिया, चंडी और आसपास के टोला गांवों में आज भी पेयजल का कोई पर्याप्त स्रोत उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के हैंडपंपों से फ्लोराइड युक्त पानी निकलता है, जो पीने और दैनिक उपयोग के लिए अनुपयुक्त है। इस समस्या के समाधान के लिए वे कई बार प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं। पूर्व में पंचायत चुनाव का बहिष्कार करके भी उन्होंने अपनी नाराजगी जताई थी, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि भीमगढ़ संजय सरोवर बांध से नगर परिषद की पेयजल प्रदाय योजना के तहत चंडी-अंजनिया होते हुए छपारा तक जा रही पाइपलाइन से उनके गांवों को भी जोड़ा जाए, ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल मिल सके। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर दी समझाइश
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की एसडीओ ज्ञानेश्वरी उईके, नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी सहित पुलिस बल ने ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें ठोस आश्वासन नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। समस्या के स्थायी समाधान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है।