नीमच। जिले की जावद तहसील के ग्राम कास्या में भाजपा बूथ अध्यक्ष सचिन पाराशर के मकान और खाटूश्याम मंदिर को तोड़ने के नोटिस के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को राजपूत एवं ब्राह्मण समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि सचिन पाराशर का परिवार पिछले लगभग 70 वर्षों से सर्वे नंबर 11 की शासकीय भूमि पर निवास कर रहा है। इसी क्षेत्र में करीब 50 अन्य परिवार भी रह रहे हैं। समाज के लोगों का आरोप है कि जावद प्रशासन ने बिना पर्याप्त सुनवाई के केवल सचिन पाराशर को ही मकान खाली करने का नोटिस जारी किया है, जो भेदभावपूर्ण कार्रवाई है।
सरकारी योजना का लाभ मिलने का मुद्दा उठा-
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इसी मकान पर पूर्व में शासन की योजना के तहत शौचालय निर्माण के लिए अनुदान भी दिया गया था। ऐसे में अब अतिक्रमण बताकर कार्रवाई करना सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई किसी साजिश या आपसी रंजिश के तहत की जा रही है। समाज ने यह भी कहा कि यदि भूमि अतिक्रमण की श्रेणी में आती है, तो पूरे क्षेत्र में समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि किसी एक परिवार को निशाना बनाया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी-
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि उक्त कार्रवाई तुरंत रोकी जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मकान तोड़ा गया, तो प्रभावित परिवार को मुआवजा और वैकल्पिक भूमि (पट्टा) दिया जाए। अन्यथा जिलेभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।