चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार किशोर विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “ट्रांसफॉर्मेटिव मंगलवार” (रूपांतरणकारी मंगलवार) अभियान के तहत जिले में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ मानसिंह चूंडावत के नेतृत्व में इस अभियान की शुरुआत माह के प्रथम मंगलवार को भुवनभानुसुरीश्वर जैन उच्च माध्यमिक विद्यालय, चित्तौड़गढ़ से की गई। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, संरक्षण एवं न्याय तक पहुंच के विषय में विस्तार से जानकारी दी तथा उनकी जिज्ञासाओं और समस्याओं का सरल भाषा में समाधान किया।
इसी क्रम में प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार गोयल द्वारा विद्या निकेतन बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोलवलकर नगर, भोईखेड़ा में शिविर आयोजित कर छात्राओं को साइबर जागरूकता के प्रति सचेत किया गया। पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत ने भी विद्यार्थियों को उपयोगी जानकारी प्रदान करते हुए उनकी समस्याओं का निराकरण किया। प्राधिकरण सचिव ने बताया कि 7 अप्रैल को जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है।
‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी की पहल-
अभियान के तहत कक्षा 8 से 12 तक के प्रत्येक विद्यालय में “कोर्ट वाली दीदी” नाम से शिकायत पेटी स्थापित की जाएगी, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं गोपनीय रूप से लिखकर डाल सकेंगे। इन शिकायतों का समय-समय पर निराकरण किया जाएगा।
जूनियर लिटरेसी क्लब का गठन-
प्रत्येक विद्यालय में एक जूनियर लिटरेसी क्लब भी गठित किया जाएगा, जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य, एक महिला शिक्षक एवं दो वरिष्ठ छात्र/छात्राएं शामिल होंगे। यह क्लब विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान एवं जागरूकता गतिविधियों का संचालन करेगा।
ओलंपियाड परीक्षा भी होगी आयोजित
अभियान के अंतर्गत तीन चरणों- संभाग, जिला एवं राज्य स्तर पर ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से जिले के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को कवर किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
यह पहल विद्यार्थियों को न केवल साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाते हुए न्याय तक पहुंच का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।