सेगांव। केली गांव में अवैध शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के मेन रोड पर संचालित अवैध देशी-विदेशी शराब ठेका धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के पास खुलने से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है।
गांव के एक ओर स्थित सातमात्रा माता मंदिर के पास श्रद्धालु जहां आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं, वहीं दूसरी ओर कथित रूप से संचालित शराब दुकान पर असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके अलावा करीब 100 साल पुरानी बावड़ी के पास भी स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल धार्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी गलत असर पड़ने की आशंका है।
पेसा कानून के उल्लंघन का आरोप
ग्रामीणों और ग्राम सभा के सदस्यों ने पेसा अधिनियम 1996 और मध्यप्रदेश पेसा नियम 2022 का हवाला देते हुए शराब दुकान संचालन पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि आपत्तियों और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का विरोध और चेतावनी
ग्राम सभा ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है कि यदि अवैध दुकान को बंद नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। महिलाओं ने भी विरोध दर्ज कराते हुए कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
प्रशासन पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें संबंधित विभागों और प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।