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May 20, 2026, 1:24 pm
KHABAR : ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 450 मेडिकल स्टोर बंद, केमिस्ट एसोसिएशन का कलेक्ट्रेट में धरना, बोले- सरकार हस्तक्षेप करें, हमारे अस्तित्व पर संकट, पढे़ खबर 

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खंडवा। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को खंडवा जिले के करीब 450 मेडिकल स्टोर बंद रहे। जिलेभर के केमिस्टों ने एक दिनी सांकेतिक हड़ताल कर विरोध जताया। दोपहर 12 बजे खंडवा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन को मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन का भी समर्थन मिला।


एसोसिएशन अध्यक्ष गोवर्धन गोलानी ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण और अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) जैसी गतिविधियां मरीजों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। साथ ही इससे छोटे लाइसेंसधारी दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो रहा है।


केमिस्टों का कहना है कि, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और वर्ष 1945 के नियमों में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां लंबे समय से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) और कोविड काल में जारी GSR 220(E) का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स कंपनियां अनियंत्रित होम डिलीवरी कर रही हैं।


ज्ञापन के माध्यम से केमिस्टों ने प्रशासन से अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल कठोर कार्रवाई, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन दवा वितरण पर रोक, GSR 817(E) और GSR 220(E) को वापस लेने तथा ऑनलाइन कंपनियों की प्रीडेटरी प्राइसिंग और अत्यधिक छूट नीति पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।


केमिस्ट संगठनों ने कहा कि कोविड महामारी जैसे कठिन समय में दवा व्यापारियों ने निर्बाध औषधि आपूर्ति सुनिश्चित कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती दी थी। इसलिए जनहित और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

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