देवास। समाजवादी पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जश्न मनाया। यह इस्तीफा नीट-यूजी परीक्षा 2024 में पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बाद हुआ। पार्टी नेताओं ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया और मिठाइयां बांटते हुए सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की।
समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष बी.एल. यादव के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सयाजी द्वार पर एकत्र हुए। उन्होंने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया और आंदोलनरत विद्यार्थियों के समर्थन में नारे लगाए।
पार्टी के प्रदेश सचिव अनिल सिंह पवार ने इस अवसर पर कहा कि यह जीत किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों और युवाओं की है, जिन्होंने अपने अधिकारों और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों के लगातार दबाव और व्यापक जनसमर्थन के कारण ही सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।
निष्पक्ष जांच की मांग
पवार ने आगे कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वागत योग्य कदम है, लेकिन केवल इस्तीफा देने से शिक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर बना रह सके।
सपा नेताओं ने यह भी दोहराया कि पार्टी भविष्य में भी छात्रों, युवाओं, किसानों और आमजन से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनहित के सवालों पर उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर लीलाधर चौधरी, अजीज जागीरदार, इंद्रसेनराव निमोणकर, शिवनारायण यादव, सुनील शर्मा, सफीलउल्ला अंसारी, सपंतराम, सियाराम चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।