नीमच। शहर के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत स्कीम नंबर-34 में सोमवार को दोपहिया वाहन पर धूल अथवा निशान होने जैसी मामूली बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। किरायेदार चिकित्सक और मकान मालिक के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट के आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। घटना के बाद दोनों पक्षों के समर्थक बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। बाद में कैंट थाने में भी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों ने पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
कैंट थाने में मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. गौरव यादव ने आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ. विपिन बलौदा, जो स्कीम नंबर-34 स्थित बाबूलाल पाटीदार के मकान में किराए से रहते हैं, के दोपहिया वाहन पर धूल अथवा निशान को लेकर हुई चर्चा के दौरान मकान मालिक पक्ष ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान डॉ. बलौदा की पत्नी के साथ भी अभद्रता एवं मारपीट की गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में चिकित्सक कैंट थाने पहुंच गए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, मकान मालिक बाबूलाल पाटीदार के परिजनों ने चिकित्सक पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विवाद वाहन पर धूल की बात से शुरू हुआ था। बातचीत के दौरान उनके परिवार की एक बुजुर्ग महिला के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने भी पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कैंट पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना की कवरेज के दौरान भी विवाद की स्थिति देखने को मिली। चिकित्सक पक्ष के परिवार से जुड़े एक महिला और एक पुरुष ने मीडिया कर्मियों को समाचार प्रकाशित अथवा प्रसारित करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इस दौरान मीडिया के साथ अभद्र व्यवहार की स्थिति भी बनी, हालांकि मौके पर मौजूद अन्य चिकित्सकों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।