नीमच। स्कूल वह जगह है, जहां बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा और संस्कार मिलने की उम्मीद होती है। लेकिन नीमच के स्कीम नंबर-34 स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल से सामने आए एक मामले ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कक्षा 8वीं में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र नितिन चौहान के साथ कथित मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
छात्र की मां लता चौहान, निवासी ग्वालटोली, ने इस संबंध में नीमच कैंट थाना पुलिस के साथ पुलिस अधीक्षक एवं राज्य मानव अधिकार आयोग को शिकायत भेजी है। शिकायत में स्कूल के प्रिंसिपल विष्णु पंवार पर छात्र के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्लासरूम में कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप-
परिजनों के अनुसार 12 सितंबर को क्लासरूम में बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इसके बाद प्रिंसिपल ने नितिन का कॉलर पकड़कर उसके साथ मारपीट की। शिकायत में छात्र को जमीन पर पटकने और लात-घूंसों से मारने के आरोप भी लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना में छात्र के हाथ और कमर में अंदरूनी चोटें आई हैं।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला गरमाया-
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब क्लासरूम का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक व्यक्ति छात्र के साथ मारपीट करता हुआ दिखाई दे रहा है। परिजनों का दावा है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति स्कूल के प्रिंसिपल विष्णु पंवार है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत में प्रिंसिपल पर छात्र को स्कूल से निकलवाने और उसका भविष्य खराब करने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। परिजनों ने मांग की है कि वायरल सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तथा आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रिंसिपल ने कहा- छात्र के व्यवहार को लेकर परिजनों को दिया था नोटिस-
मामले में स्कूल प्रिंसिपल विष्णु पंवार से फोन पर चर्चा की गई। उन्होंने छात्र के साथ मारपीट के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उक्त छात्र पिछले करीब पांच महीने से स्कूल में अनुशासनहीनता कर रहा था और आए दिन किसी न किसी छात्र से लड़ाई-झगड़ा करता था। प्रिंसिपल के अनुसार, छात्र के व्यवहार को लेकर उसके परिजनों को पहले भी नोटिस दिया गया था।
अब पुलिस शिकायत और सामने आए सीसीटीवी वीडियो के आधार पर मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था और जिम्मेदारी किसकी है।