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September 11, 2026, 6:27 pm
BIG NEWS : सीबीएन इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पर सीबीआई की दबिश, 50 लाख की कथित रिश्वत का मामला, गिरफ्तारी के बाद नीमच से पटना ले जाने की तैयारी, मादक पदार्थ जब्ती के केस में राहत दिलाने के नाम पर मांगी थी रकम, पढ़े खबर 

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नीमच। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) नीमच से जुड़े एक मामले में गुरुवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने सीबीएन कॉलोनी स्थित एक इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पर दबिश दी। उदयपुर सीबीआई यूनिट की कार्रवाई देर रात तक चली। इसके बाद सीबीएन इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। शुक्रवार को उन्हें नीमच न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पटना ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया गया।

50 लाख मांगने का आरोप, 20 लाख में कथित सौदे की बात-
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला सीबीएन नीमच के प्रकरण क्रमांक 47/25, धारा 8/21(सी), 22(सी) एवं 29 एनडीपीएस एक्ट से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार इस मामले में वांछित आरोपी बताए जा रहे आलोक कुमार सिन्हा से इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव द्वारा कथित रूप से 50 लाख रुपए की मांग किए जाने का आरोप है। बाद में कथित तौर पर 20 लाख रुपए में समझौता होने की बात शिकायत में कही गई है।

सीबीआई कर रही है बाकी राशि के कथित लेनदेन की जांच-
शिकायत के मुताबिक, कथित रकम में से 4 लाख रुपए डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर किए गए। बाकी राशि के कथित लेनदेन की जांच अब सीबीआई कर रही है। यह भी सामने आया है कि कथित रकम सीधे अधिकारी के खाते में न जाकर किसी करीबी रिश्तेदार के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने की जांच की जा रही है।

10 सितंबर को दर्ज हुआ प्रकरण- 
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में 2 सितंबर 2026 को सीबीआई पटना में शिकायत की गई थी। इसके बाद 10 सितंबर 2026 को आरसी 023/2026 क्रमांक से प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 7ए तथा बीएनएस 2023 की धारा 61(2) लगाए जाने की बात कही गई है।

बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच- 
सीबीआई की टीम कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान करीब छह अधिकारी मौजूद बताए गए, जिनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थीं। टीम ने इंस्पेक्टर से पूछताछ की और प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की।

पटना ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मंजूर- 
जिला नीमच के गवर्नमेंट प्लीडर अधिवक्ता चंचल कुमार बाहेती ने बताया कि सीबीआई ने सिद्धार्थ श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7ए तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। सीबीआई ने आरोपी को पटना स्थित विशेष न्यायालय में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगा था, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर दिया। इसके बाद आरोपी को सीबीआई के सुपुर्द कर पटना ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

उपलब्ध साक्ष्यों को हटाने के एवज में मांगी थी राशि- 
अधिवक्ता के अनुसार, प्रारंभिक आरोप यह है कि सीबीएन के एक प्रकरण में वांछित आरोपी को राहत दिलाने तथा उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को हटाने के एवज में कथित रूप से राशि की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने कार्रवाई की है। फिलहाल सीबीआई का अनुसंधान जारी है। 50 लाख रुपए की कथित मांग, लेनदेन और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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