शहडोल। पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के आगमन का गवाह बनने जा रहा है। संघ प्रमुख के तीन दिवसीय प्रवास को लेकर पूरा शहर हाईअलर्ट मोड पर है। Z+ सुरक्षा के तहत सीआईएसएफ, स्पेशल ब्रांच, जिला पुलिस और बाहर से आए करीब 350 अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। पांडवनगर स्थित सरस्वती स्कूल परिसर को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है, वहीं ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत बुधवार सुबह कटनी पहुंचेंगे, जहां से सड़क मार्ग से शहडोल आएंगे, उनका कार्यक्रम पांडवनगर स्थित सरस्वती स्कूल में प्रस्तावित है। सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर मल्टीलेयर सिक्योरिटी सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और सघन जांच की व्यवस्था की गई है। सीआईएसएफ की विशेष टुकड़ी समेत डीएसपी रैंक के अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। संघ प्रमुख के आगमन और वापसी के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। पांडवनगर क्षेत्र के 500 मीटर दायरे में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के तीन दिवसीय प्रवास को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। करीब 350 अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा ड्यूटी में तैनात किए गए हैं। सरस्वती स्कूल कैंपस में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो सके।