उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाद अब श्री कालभैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं के लिए शीघ्र दर्शन व्यवस्था शुरू कर दी गई है। बुधवार से लागू हुई इस नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु 500 रुपए का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे। टिकट मंदिर परिसर के बाहर बने काउंटर से सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध रहेंगे।
विश्व प्रसिद्ध श्री कालभैरव मंदिर, जहां भगवान कालभैरव को मदिरा का भोग लगाया जाता है, वहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को देखते हुए मंदिर में 125.17 करोड़ रुपए की लागत से कॉरिडोर और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार फिलहाल यह व्यवस्था ऑफलाइन शुरू की गई है, जिसे जल्द ही ऑनलाइन भी किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को विशेष मार्ग से सीधे गर्भगृह तक पहुंचकर दर्शन की सुविधा मिलेगी।
ऐसे मिलेंगे शीघ्र दर्शन
काल भैरव मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वीआईपी प्रोटोकॉल की सशुल्क दर्शन व्यवस्था के साथ सामान्य श्रद्धालु अगर शीघ्र दर्शन करना चाहता हैं तो उन्हें मंदिर के बाहर लगे टिकट काउंटर से 500 रुपए का टिकट लेना होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को मंदिर के निर्गम द्वार से लगे हुए मार्ग से प्रवेश मिलेगा, यहां से श्रद्धालु सीधे मंदिर के गर्भगृह द्वार के गेट से एंट्री लेकर सीधे गर्भगृह में दर्शन कर सकेंगे।
सिर्फ ऑफलाइन व्यवस्था अभी
काल भैरव मंदिर में प्रशासक एलएन गर्ग ने बताया कि अभी शुरुआत में ऑफलाइन टिकिट वयवस्था की है। इसे जल्द ही ऑनलाइन कर दिया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु शीघ्र दर्शन के नाम पर कई बार ठगी का शिकार होते थे। अब श्रद्धालु मंदिर के टिकट काउंटर से टिकट लेकर सीधे गर्भगृह से दर्शन कर सकेंगे।
अभी यह है दर्शन व्यवस्था
मंदिर के पट सुबह 6रू30 से रात 9-30 बजे तक खुले रहते हैं। इस बीच सुबह 8 व रात 8रू30 बजे आरती के वक्त कुछ देर के लिए दर्शन बंद होते हैं। बाकी समय श्रद्धालुओं को कतार में लगाकर दर्शन करवाए जाते हैं। प्रशासन की तरफ से आने वाले पाइंट के हिसाब से वीआईपी दर्शनार्थियों को अलग से दर्शन के इंतजाम है।