प्रतापगढ़। जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्करी के आरोपी उस्मान खान के अवैध फार्महाउस पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। सरकारी चारागाह भूमि पर बने करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के फार्महाउस को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इससे पूर्व आरोपी एवं उसके परिजनों के नाम दर्ज करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को भी फ्रीज किया जा चुका है।
गुरुवार को पटवार हल्का नौगांव के ग्राम देवल्दी स्थित चारागाह भूमि पर राजस्व विभाग, पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। जांच में सामने आया कि एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में फरार चल रहा आरोपी उस्मान खान सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर फार्महाउस का निर्माण करवा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार फार्महाउस निर्माण पर लगभग 66 लाख 83 हजार रुपये खर्च किए गए थे, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपये आंका गया है। कार्रवाई के दौरान भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पुनः राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी कब्जे में लिया गया।
उल्लेखनीय है कि 21 फरवरी 2026 को अरनोद थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलो 708 ग्राम ब्राउन शुगर एवं 1 किलो 723 ग्राम केमिकल बरामद किया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह मादक पदार्थ आरोपी उस्मान खान द्वारा सप्लाई के लिए भेजा गया था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था और तब से गिरफ्तारी से बच रहा है।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में की गई आर्थिक जांच में आरोपी एवं उसके परिजनों के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां सामने आईं। जांच के दौरान आलीशान मकान, फार्महाउस, स्कॉर्पियो एवं फॉर्च्यूनर वाहन, महंगी नस्ल के घोड़े तथा मुर्रा भैंसें भी चिन्हित की गईं। पुलिस ने इन संपत्तियों को मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित अवैध कमाई मानते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत कार्रवाई की।
सक्षम प्राधिकरण, नई दिल्ली की स्वीकृति के बाद अप्रैल माह में संबंधित संपत्तियों पर फ्रीजिंग नोटिस जारी किए गए थे। बाद में फार्महाउस के सरकारी चारागाह भूमि पर निर्मित होने की पुष्टि होने पर तहसीलदार के आदेश से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थ तस्करी एवं अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।