चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मानसिंह चुण्डावत के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगिता पारीक द्वारा महिला अधिकारिता विभाग परिसर चंदेरिया थाने के पीछे संचालित सखी वन स्टॉप सेन्टर का औचक निरीक्षण किया गया तथा पीड़िताओं को विधिक सहायता से सीधे जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चत की। सचिव योगिता पारीक ने केस रजिस्टर एवं दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने सेंटर पर आश्रित नाबालिग बालिका से वार्ता की। लीगल काउंसलर रतनी कुमावत ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर किसी भी हिंसा से पीड़ित महिलाओं को 5 दिन तक का अस्थाई आश्रय दिया जाता है। सीसीटीवी कैमरे एवं सीडैक सिस्टम उपलब्ध है। हिंसा से पीड़ित महिला को तुरंत एक ही छत के नीचे अस्थाई आश्रय,काउंसलिंग,चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता एव कानूनी परामश सुरक्षा और सम्मान के साथ दिए जाते हैं। रिपोर्ट एवं बयान संबंधित थाने द्वारा केंन्द्र पर ही लिए जाते हैं। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के तत्वाधान से सम्पूर्ण भारत वर्ष में सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। केन्द्र 24 घंटे 365 दिन खुला रहता है तथा पारी के अनुसार कुशल परामर्शदाता, सुरक्षा कर्मी एवं हेल्पर सेवा देने को तत्पर रहते हैं। निरीक्षण के दौरान सुविधाएं संतोषजनक पाई गईं। कोई भी महिला 181 या सम्बन्धित थाना या सीधे ही केन्द्र पर 01472294802 पर सम्पर्क कर केन्द्र की सेवा प्राप्त कर सकती हैं। गोपनीयता के साथ पीड़िता को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवायें उपलब्ध कराते हुये केन्द्र पर समस्या का समाधान कर महिलाओं का निरन्तर सहयोग किया जा रहा है। विजिट के दौरान प्रभारी नीतू जोशी,ममता तेली,सविता माली, चांदी जाट, मयंक भटनागर, महिला कांस्टेवल मैना आदि ने अन्य योजनाओं के बारे में चर्चा की।