शाजापुर। जिले के चोकी नसीराबाद क्षेत्र में एक गरीब किसान की जीविका पर उस समय संकट आ गया, जब सरपंच के पालतू कुत्ते ने उसकी 8 बकरियों को अपना शिकार बना लिया। पीड़ित किसान ने मामले की शिकायत स्थानीय थाना और जनसुनवाई में की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
पीड़ित किसान सुंदरलाल ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि गांव के सरपंच के पालतू कुत्ते ने अचानक उनकी बकरियों के बाड़े पर हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में किसान की 8 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। बकरियों की मौत से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
सुंदरलाल का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस को इसकी सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई मुकदमा दर्ज किया। थाने से न्याय न मिलने पर किसान ने जनसुनवाई में अपनी फरियाद लगाई, परंतु वहां से भी उसे केवल आश्वासन ही मिला।
जीविका का सहारा छीना, सुंदरलाल का कहना है कि वे अपनी रोजी-रोटी के लिए पशुपालन पर ही निर्भर हैं। बकरियों की मौत ने उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सरपंच के प्रभावशाली होने के कारण पुलिस और प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहे हैं, जबकि वे पिछले कई दिनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं।