नीमच। जिला कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। जीरन तहसील के ग्राम चीताखेड़ा निवासी करीब 70 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग महिला कलाबाई गायरी अपनी शिकायत लेकर न्याय की आस में लोट लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उम्र और दिव्यांगता के बावजूद उनका इस तरह जनसुनवाई तक पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
कलाबाई गायरी ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि वर्ष 2016 में उन्हें तहसीलदार द्वारा संबंधित भूखंड का वैध पट्टा प्रदान किया गया था। वह वर्षों से उक्त भूमि पर काबिज हैं। इसी भूखंड पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका मकान स्वीकृत हुआ है, जिसका निर्माण कार्य जारी है तथा योजना की पहली किस्त भी उन्हें प्राप्त हो चुकी है।
महिला का आरोप है कि हाल ही में हुए ड्रोन सर्वे के बाद तैयार ऑनलाइन नक्शे में उनका मकान किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज हो गया, जिससे उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव का एक व्यक्ति निर्माण कार्य रुकवाने के लिए पुलिस बुलाकर दबाव बना रहा है, जबकि संबंधित भूमि पर उनकी बाउंड्रीवाल, ट्यूबवेल और आवास निर्माण स्पष्ट रूप से मौजूद है।
दिव्यांग होने के कारण बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाना उनके लिए संभव नहीं है। इसी कारण उन्होंने अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए जनसुनवाई में इस तरह पहुंचने का निर्णय लिया।
बुजुर्ग महिला ने जिला प्रशासन से ड्रोन सर्वे में हुई कथित त्रुटि को सुधारने, ऑनलाइन नक्शे में उनके नाम से भूखंड दर्ज कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की है।