नीमच। जिले की सिंगोली तहसील के किसानों ने मंगलवार को डीएपी खाद की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पर अनोखा एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। किसान पंकज तिवारी के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने हाथों में चूड़ियां, खाली खाद के कट्टे और मांगों से लिखी तख्तियां लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
प्रदर्शनकारी कुछ देर तक कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और सिंगोली कृषि उपमंडी में तत्काल मार्कफेड का नगद खाद वितरण केंद्र शुरू करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण सिंगोली क्षेत्र के किसानों को डीएपी खाद लेने के लिए करीब 80 किलोमीटर दूर जावद जाना पड़ता है। पहले ई-टोकन प्राप्त करना और फिर नगद भुगतान के लिए इतनी लंबी दूरी तय करना किसानों, विशेषकर महिला किसानों एवं छोटे कृषकों के लिए परेशानी भरा साबित हो रहा है।
किसानों ने बताया कि खाद लेने के लिए पूरा दिन खर्च हो जाता है और आवागमन पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के कई क्षेत्रों में मार्कफेड द्वारा स्थानीय स्तर पर नगद खाद वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, तो सिंगोली क्षेत्र के किसानों को इस सुविधा से वंचित रखना उचित नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि खाली खाद का कट्टा उनकी परेशानियों का प्रतीक है, जबकि हाथों में चूड़ियां पहनकर उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों को किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीरता से ध्यान देने का संदेश दिया है।
किसानों ने मांग की कि सिंगोली कृषि उपमंडी अथवा स्थानीय पैक्स समिति में तत्काल मार्कफेड का नगद डीएपी एवं अन्य उर्वरकों का वितरण केंद्र शुरू किया जाए, ताकि किसानों को खाद के लिए 80 किलोमीटर दूर जाने की परेशानी से राहत मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।