खरगोन। जिला जेल में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लौह पुरुष पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। इस दौरान हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बन्दी को रिहाई भी मिली। जेल अधीक्षक हिमानी मनावरे ने आयोजित कार्यक्रम में गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने बंदियों को महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के दिखाए मार्ग को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा गांधी जी ने अहिंसा से देश का सबसे बड़ा आंदोलन खड़ा कर आजादी की नींव रखने का उदाहरण देते हुए कहा कि अपनी बात मनवाने के लिये हिंसा जरूरी नही। उन्होंने लोह पुरुष शास्त्री के जय जवान जय किसान के नारे को दोहराते हुए उनका स्मरण किया। दोनो महापुरुषों के देश के लिये किये संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए इनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। जेल अधीक्षक ने गाँधीजी के प्रिय भजन रघुपति राघव ओर वैष्णव जन की सुमधुर आवाज में प्रस्तुति दी। जेल अधीक्षक ने बताया गांधी जयंती के मौके पर आजीवन कारावास की सजा पाए एक बन्दी को रिहा किया है। इन्होंने 14 साल की वास्तविक सजा और छूट सहित 20 साल की अवधि पूरी की है।
सहायक जेल अधीक्षक सुभद्रा ठाकुर ने बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने बताया गांधी जयंती पर बापू के स्वच्छता अभियान को जन जन तक पहुंचाने ओर इसे दिनचर्या में शामिल करने न उद्देश्य से स्वच्छता अभियान भी चलाया। बंदियों के साथ जेल कर्मियों ने परिसर में झाड़ू लगाई।