झाबुआ। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने श्रीलाभ ब्रांड के घी के दो बैचों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल से प्राप्त जांच रिपोर्ट में दोनों बैचों के नमूने असुरक्षित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के संबंध में उप संचालक एवं अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला झाबुआ डॉ. मुन्नालाल चोपड़ा ने आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 10 अगस्त 2026 को थांदला स्थित फर्म संचालक संजय कुमार राजेंद्र कुमार जैन के प्रतिष्ठान से श्रीलाभ प्योर घी और श्रीलाभ काउ प्योर घी के नमूने जांच के लिए लिए थे। इनमें 500 एमएल टिन पैक का बैच क्रमांक JRO7026 (निर्माण माह जुलाई 2026, समाप्ति माह मार्च 2027) और 500 एमएल पैक का बैच क्रमांक JRO8026 (निर्माण माह अगस्त 2026, समाप्ति माह अप्रैल 2027) शामिल थे।
दोनों नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया था। प्राप्त रिपोर्ट में दोनों नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत असुरक्षित पाए गए। जांच में घी में वनस्पति वसा (बीटा-साइटोस्टेरॉल) की उपस्थिति तथा फैटी एसिड संरचना सहित निर्धारित मानकों में अनियमितताएं सामने आईं। दोनों नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य उत्पाद मानक एवं खाद्य सहयोज्य) विनियम, 2011 के तहत शुद्ध घी के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 36(3)(ई) सहपठित धारा 18(1)(एच) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए श्रीलाभ ब्रांड के उक्त दोनों बैचों के घी की बिक्री पर संपूर्ण झाबुआ जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित बैचों के घी का विक्रय न करें। प्रशासन के अनुसार, आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा और शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलावट तथा असुरक्षित खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।