चित्तौड़गढ़। नागौर जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पिछले चार वर्षों से फरार चल रहे 3 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर चित्तौड़गढ़ जिला विशेष टीम (डीएसटी) के 9 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। नागौर जिला पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी ने पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता, कर्तव्यनिष्ठा और अपराधियों की धरपकड़ में सक्रियता की सराहना करते हुए प्रत्येक को 3 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि नागौर जिले के थाना थांवला में 15 मार्च 2022 को प्रकरण संख्या 63 दर्ज किया गया था। एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के तहत दर्ज इस मामले में चित्तौड़गढ़ जिले के थाना गंगरार क्षेत्र के कचनारिया निवासी मदनलाल पुत्र जगन्नाथ वांछित था। आरोपी की गिरफ्तारी पर 3 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह पिछले करीब चार वर्षों से फरार चल रहा था और नागौर पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
चित्तौड़गढ़ डीएसटी ने की प्रभावी कार्रवाई-
आरोपी की तलाश के दौरान चित्तौड़गढ़ डीएसटी ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 13 जून 2026 को मदनलाल को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे नागौर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी में डीएसटी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए नागौर एसपी आशाराम चौधरी ने टीम के 9 पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इन पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान-
सम्मानित होने वालों में चित्तौड़गढ़ डीएसटी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक सूरज कुमार, हेड कांस्टेबल युवराज सिंह, अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, सुरेश, वीरेंद्र, जगदीश और देवेंद्र शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को अंतरजिला पुलिस समन्वय और आपसी सहयोग का उदाहरण बताया। पुलिसकर्मियों को मिला यह सम्मान अपराधियों की धरपकड़ में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ उनकी कर्तव्यनिष्ठा और कार्यकुशलता को प्रोत्साहित करने वाला कदम है।