शिवपुरी। नगर पालिका परिषद की प्रस्तावित साधारण सम्मेलन की कार्यसूची में शामिल करोड़ों रुपए के विकास और वित्तीय प्रस्तावों पर विवाद हो गया है। भाजपा पार्षद विजय बिंदास ने इन पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रस्तावों में वित्तीय और प्रशासनिक पारदर्शिता साफ नहीं है।
बिंदास ने जांच पूरी होने तक प्रस्तावों को मंजूरी देने और भुगतान पर रोक लगाने के साथ परिषद की बैठक निरस्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि कार्यसूची के 14 प्रमुख विषयों पर सवाल उठाए गए हैं।
भाजपा पार्षद ने प्रस्तावों पर उठाए सवाल
इनमें PLC-स्काडा प्रणाली के लिए 1.91 करोड़ रुपए, मोटर पंप और जनरेटर खरीदने, पानी की टंकियां बनाने और वर्ष 2026-27 में टेंट व्यवस्था पर एक करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव शामिल है। बिंदास ने इन प्रस्तावों की लागत, जरूरत और उपयोगिता की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने सफाई व्यवस्था के लिए जेसीबी, डंपर, पोकलेन, वैक्यूम और सुपर सकर मशीनें खरीदने के प्रस्तावों पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के पास पहले से मौजूद मशीनों की संख्या और उनकी काम करने की स्थिति की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की
बिंदास ने साल 2022 से अब तक वाहन मरम्मत और परिवहन खर्च, डीजल मद में बजट के दोबारा आवंटन और पीआईसी के संकल्पों की वैधता की जांच की मांग भी की है।
उन्होंने पोहरी रोड बस स्टैंड पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मंगल भवन के पास दुकानों, गीता भवन निर्माण और वार्डखेड़ी ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों को लीज पर देने के प्रस्तावों पर सवाल उठाए हैं। दुकानों के आवंटन, जमीन के मालिकाना हक और निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की गई है।
आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
इसके अलावा समाधिया कॉर्पोरेशन के लंबित भुगतान से पहले तकनीकी जांच, नवाब साहब रोड का नाम शिवाजी मार्ग करने की प्रक्रिया और बाजार बैठक व मेले की आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
आवेदन की प्रतिलिपि आयुक्त नगरीय प्रशासन, संयुक्त संचालक ग्वालियर और सीएमओ शिवपुरी को भी भेजी गई है। बिंदास ने मांग की है कि सभी प्रस्तावों से संबंधित डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति, टेंडर दस्तावेज और भुगतान रिकॉर्ड पार्षदों को उपलब्ध कराए जाएं तथा जांच पूरी होने तक संबंधित प्रस्तावों पर कोई निर्णय न लिया जाए।