मनासा। पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या करने के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष यादव, मनासा ने आरोपी पति गुड्डा पिता नारायण बांछड़ा (48), निवासी बांछड़ा डेरा, ग्राम पावटी, तहसील मनासा, जिला नीमच को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 2 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दंडित किया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि घटना 20 जुलाई 2022 की सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच ग्राम पावटी स्थित आरोपी के घर पर हुई थी। मृतका सीमाबाई आरोपी की पत्नी थी और उनके छह बच्चे थे। घटना के दिन आरोपी के एक बेटे और दो छोटी बेटियों को घर के बाहर रोते हुए पड़ोसी रोहित बांछड़ा ने देखा। उसने घर के अंदर झांककर देखा तो सीमाबाई पलंग पर मृत अवस्था में पड़ी थी। उसके सिर पर गंभीर चोट थी और पास में खून से सनी कुल्हाड़ी पड़ी हुई थी।
सूचना मिलने पर कुकड़ेश्वर थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया। विवेचना में सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और इसी बात को लेकर अक्सर शराब के नशे में उससे विवाद करता था। घटना वाले दिन हुए विवाद के दौरान आरोपी ने कुल्हाड़ी से पत्नी के सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्य बने आधार-
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतका के बच्चों, परिवार और आसपास के लोगों के बयान दर्ज करवाए। हालांकि, इनमें से कई गवाहों ने घटना का समर्थन नहीं किया और आरोपी के पक्ष में बयान दिए। इसके बावजूद अभियोजन ने वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध प्रमाणित किया।
अभियोजन के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक गुलाब सिंह चंद्रावत ने पैरवी की।