मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के 15 नवंबर को इंदौर में होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आतंकी संगठन के नाम से आए एक धमकी भरे ई-मेल में कॉन्सर्ट के दौरान आईईडी (IED) से धमाके करने की चेतावनी दी गई है।
यह धमकी भरा ई-मेल इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के दफ्तर समेत कई अन्य लोगों को भेजा गया है। ई-मेल में इंदौर महापौर कार्यालय के अलावा बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन के मुंबई स्थित बंगले 'जलसा' को भी उड़ाने की बात कही गई है।
ई-मेल में क्या लिखा है?
यह ई-मेल 'खालिस्तानी नेशनल आर्मी' के नाम से भेजा गया है। ई-मेल भेजने वालों में खुद को इंजीनियर गुरानाख सिंह, रुखन शाहवाला, डॉ. गुरनिरवेर सिंह और बब्बर खालसा (परमार-कनाड़) के प्रोफेसर गुरकाल सिंह पीएचडी बताने वालों के नाम लिखे हैं। ई-मेल में इंदौर शो के दौरान आईईडी ब्लास्ट करने की बात कही गई है।
15 नवंबर को इंदौर के सी-21 मैदान में है शो
दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने म्यूजिक टूर पर हैं। दिल्ली में उनका शो हो चुका है और 15 नवंबर को इंदौर के सी-21 मैदान में उनका कार्यक्रम तय है। इससे पहले भी इस शो को लेकर धमकियां मिलने की बात सामने आ चुकी है।
इंदौर के 3 स्कूलों को भी धमकी भरे ई-मेल
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, इंदौर के तीन स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल मिले हैं। इनमें चेतावनी दी गई है कि 15 नवंबर को होने वाले दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम में अपने बच्चों को न भेजें, क्योंकि वहां बम धमाके किए जाएंगे। एहतियात के तौर पर राजेश दंडोतिया ने स्कूलों के नाम बताने से इनकार किया है। उनके मुताबिक, ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है। ये मेल सोमवार सुबह मिले हैं।
क्यों मिल रही है धमकी?
अमिताभ के पैर छूने पर विवाद: अमेरिका स्थित आतंकी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और अन्य शो के दौरान दिलजीत को धमकी दी थी। संगठन का आरोप है कि दिलजीत ने बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के पैर छूकर उनका सम्मान किया, जिससे 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
मुंबई महापौर को भी मिला था मेल
इससे पहले 23 अक्टूबर को मुंबई की पूर्व महापौर रितु तावड़े के दफ्तर में भी दिलजीत पर आत्मघाती हमले की धमकी वाला ई-मेल भेजा गया था।
ऋषिकेश में बेफिक्र दिखे दिलजीत
एक तरफ जहां धमकियां मिल रही हैं, वहीं दिलजीत दोसांझ रविवार को ऋषिकेश में बेफिक्र नजर आए। वे बिना किसी सुरक्षा के मां गंगा का आचमन करते और आशीर्वाद लेते दिखे। उन्होंने वशिष्ठ गुफा में भी कुछ समय बिताया और अकेले पत्थरों के बीच बैठकर समय गुजारा।