उज्जैन। दीपावली पर जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने की एक छोटी-सी पहल अब बड़ा अभियान बन चुकी है। वर्ष 2019 में 50 से 100 बच्चों के साथ शुरू हुई यह मुहिम अब हर साल करीब 1,500 से 2,000 बच्चों तक पहुंच रही है। खास बात यह है कि बच्चों को पहले से तय कपड़े देने के बजाय अपनी पसंद के कपड़े, जूते और चप्पल चुनने का मौका दिया जाता है।
यह पहल क्रेडाई अध्यक्ष महेश परयानी और रॉयल लायंस क्लब के सदस्य विकास सिंह के सहयोग से शुरू हुई थी। इस बार पांच दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन करीब 400 से 500 बच्चों को शामिल किया जा रहा है। इनमें जरूरतमंद, दिव्यांग और आदिवासी बच्चे शामिल हैं।
सोमवार को वी मार्ट मॉल में करीब 500 दिव्यांग बच्चे पहुंचे। यहां बच्चों ने अपनी पसंद से कपड़े, जूते और चप्पल चुने। इसके बाद उन्हें मिठाई और पटाखे भी वितरित किए गए।
समाजसेवी गोपाल ने बताया कि एचआईवी से प्रभावित बच्चों का समूह भी हर साल इस आयोजन में शामिल होता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हर साल बच्चों के साथ खिंचवाई गई तस्वीर को अगले साल देखने पर कुछ बच्चे उसमें नजर नहीं आते। उनकी यादें दुख देती हैं, लेकिन उनके साथ बिताए खुशी के पल इस पहल को लगातार जारी रखने की प्रेरणा देते हैं।
आयोजकों का उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की दीपावली की खुशियों में बाधा न बने और हर बच्चा अपनी पसंद से त्योहार मना सके।