मनासा। नगर में ‘गोगो’ नाम से बिकने वाले उत्पाद की बिक्री को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि चौराहों पर स्थित पान की गुमटियों और छोटी किराना दुकानों तक यह उत्पाद आसानी से पहुंच रहा है। ऐसे में इसकी बिक्री की वास्तविक स्थिति और कानूनी स्थिति की जांच की मांग की जा रही है। लोगों ने आशंका जताई है कि इस तरह के उत्पादों की पहुंच युवाओं और किशोरों तक भी हो सकती है।
दुकानों पर बिक्री की शिकायतें-
स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर के विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास संचालित दुकानों पर ‘गोगो’ उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित उत्पाद की बिक्री हो रही है, तो संबंधित विभागों को इसकी जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, किन दुकानों पर इसकी बिक्री हो रही है और उत्पाद पर प्रतिबंध लागू है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर चिंता-
‘गोगो’ उत्पाद में मौजूद सामग्री और उसकी श्रेणी की पुष्टि के बाद ही उसके स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों पर स्पष्ट जानकारी दी जा सकती है। यदि इसमें निकोटीन या अन्य हानिकारक अथवा प्रतिबंधित पदार्थ मौजूद हैं, तो इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे उत्पादों की कम उम्र के लोगों तक पहुंच रोकने के लिए जागरूकता और निगरानी जरूरी है।
संबंधित विभागों से जांच की मांग-
मामले को लेकर स्थानीय पुलिस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और तंबाकू नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों से जांच की मांग की जा रही है। अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की अपेक्षा है कि संबंधित उत्पाद किस श्रेणी में आता है, उसकी बिक्री के लिए कौन-से नियम लागू हैं और क्या नगर में नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि दुकानों पर उपलब्ध उत्पादों की जांच कर उनकी सामग्री, निर्माता और वैधानिक चेतावनियों की पड़ताल की जाए। यदि प्रतिबंधित उत्पाद की बिक्री की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन शिकायतों की जांच कर क्या कदम उठाते हैं। नगरवासियों का कहना है कि युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए।