हरदा। बुधवार सुबह जिला कांग्रेस ने किसानों के साथ कृषि विभाग के कार्यालय में डीएपी खाद की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि ई-टोकन बुक नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उन्हें खाद लेने में परेशानी हो रही है। किसानों ने बताया कि 20 दिनों से खेत बुवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन डीएपी नहीं मिलने से मक्का और चने की बुवाई प्रभावित हो रही है।
एक साथ टोकन बुक होने से सर्वर पर दबाव
कृषि उप संचालक प्रकाश ठाकुर ने बताया कि एक साथ बड़ी संख्या में ई-टोकन बुक कराने के कारण सर्वर में दिक्कत आ रही है। मंगलवार को 12 हजार ई-टोकन बुक हुए थे। इनमें 8,900 यूरिया और 2,600 डीएपी के टोकन शामिल हैं।
ठाकुर ने किसानों से डीएपी के विकल्प अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि बुधवार शाम तक 2,500 मीट्रिक टन डीएपी की रैक पहुंच रही है। इसे अगले दो दिनों में सोसायटियों के माध्यम से किसानों को बांटा जाएगा।
डिफॉल्टर किसानों को खाद लेने में परेशानी
कृषि विभाग ने इस वर्ष सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद वितरण की व्यवस्था की है। हालांकि, सोसायटियों में डिफॉल्टर किसानों को खाद लेने में परेशानी हो रही है। वहीं नियमित किसानों के ई-टोकन बुक हो रहे हैं।
जिला सहकारी बैंक डिफॉल्टर किसानों की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी कर रहा है। इससे खाद वितरण व्यवस्था में डिफॉल्टर किसानों की स्थिति भी स्पष्ट होगी।
दो दिन में खाद नहीं मिली तो तालाबंदी की चेतावनी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने कहा कि डीएपी और यूरिया की कमी से किसान चार महीने से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों में किसानों को खाद नहीं मिली तो कांग्रेस कृषि विभाग के कार्यालय में तालाबंदी करेगी।