चित्तौड़गढ़। भारत की प्रमुख निर्माण सामग्री कंपनियों में से एक न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड ने 30 सितंबर को समाप्त वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए। कंपनी ने चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों के बावजूद सीमेंट बिक्री, राजस्व और एबिटिडा में सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि दर्ज की।
कंपनी ने इस वर्ष सीमेंट कारोबार में अपने दस वर्ष पूरे कर लिए हैं। वर्ष 2014 में निम्बोल में 2.3 एमएमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता वाली एक विनिर्माण इकाई से शुरू हुआ सफर आज एक विविधीकृत निर्माण सामग्री कंपनी के रूप में विकसित हो चुका है। वर्तमान में कंपनी सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और आधुनिक निर्माण सामग्री के क्षेत्रों में कारोबार कर रही है।
पिछले एक दशक में बाजार के विभिन्न उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी ने अपनी विकास यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाया है। अब कंपनी वित्त वर्ष 2028 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 35 एमएमटीपीए करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह पिछले एक दशक में उत्पादन क्षमता में लगभग 15 गुना वृद्धि को दर्शाएगा।
सीमेंट बिक्री और राजस्व में बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 4.7 मिलियन टन सीमेंट की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। वहीं, दूसरी तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत बढ़कर 2,790 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान एबिटिडा में भी 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 411 करोड़ रुपये पहुंच गया।
प्रबंध निदेशक ने बताया मजबूत प्रदर्शन का आधार
कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णास्वामी ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी की मजबूत क्रियान्वयन क्षमता का प्रमाण रही।
उन्होंने कहा कि कंपनी के प्रमुख बाजारों में तेज और अनियमित बारिश, वैश्विक एवं क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स तथा आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण इनपुट लागत में वृद्धि हुई। इसके बावजूद कंपनी ने राजस्व, एबिटिडा और कर-पश्चात मुनाफे में सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि दर्ज की।
उन्होंने बताया कि कंपनी का प्रदर्शन प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने और भौगोलिक बाजारों के मिश्रण को बेहतर बनाने की रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाता है। इन प्रयासों से सीमेंट की कीमतों में सीमित तेजी के बावजूद बिक्री से प्राप्त होने वाली राशि को बेहतर बनाए रखने में मदद मिली।
लिमला में 2 एमएमटीपीए क्षमता की ग्राइंडिंग इकाई शुरू
कृष्णास्वामी ने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी ने सूरत के लिमला में 2 एमएमटीपीए क्षमता वाली ग्राइंडिंग इकाई सफलतापूर्वक शुरू की। यह कंपनी की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने की उसकी क्षमता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से कच्छ और सचाना में वदराज सीमेंट परियोजना के शेष चरणों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का कंपनी का भरोसा और मजबूत हुआ है। कंपनी का लक्ष्य अपनी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए उत्पादन क्षमता का विस्तार करना और निर्माण सामग्री के क्षेत्र में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करना है।