नीमच। केंद्र सरकार की नई अफीम नीति में संशोधन सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान 30 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को नीमच में एकत्रित होंगे। किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने किसानों से सुबह 11.30 बजे आंबेडकर सर्कल, मेसी चौराहा पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। यहां से किसान रैली के रूप में नारकोटिक्स कार्यालय पहुंचकर उप आयुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे और केंद्र सरकार से किसान हितैषी अफीम नीति लागू करने की मांग करेंगे।
किसानों का कहना है कि नई अफीम नीति में मॉर्फिन की निर्धारित मात्रा 4.2 से बढ़ाकर 4.4 किए जाने के कारण कई किसानों के चीरे वाले पट्टे प्रभावित हुए हैं और उन्हें पांच आरी के सीपीएस पट्टों में परिवर्तित कर दिया गया है। किसानों के अनुसार, सीपीएस पद्धति में 90 किलो से अधिक औसत डोडा देने के बावजूद उन्हें केवल पांच आरी के पट्टे दिए गए हैं। इसे किसानों ने अन्यायपूर्ण बताते हुए नीति में बदलाव की मांग की है।
किसानों का कहना है कि वर्ष 1997-98 के पुराने पट्टों की बहाली की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा नए पट्टे जारी करने और डोडाचूरा के संबंध में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 एवं 8/29 को हटाने की मांग पर भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों की मांग है कि अफीम का भाव बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति किलो किया जाए और मॉर्फिन की निर्धारित मात्रा में किसान हितों को ध्यान में रखते हुए संशोधन किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित किसानों के पुराने चीरे वाले पट्टे बहाल करने, वर्ष 1997-98 के पात्र किसानों को पट्टे देने तथा नए लाइसेंस जारी करने की मांग उठाई गई है।
किसान सीपीएस पद्धति में आ रही समस्याओं का समाधान करने और डोडाचूरा से संबंधित एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/15 एवं 8/29 के संबंध में उचित निर्णय लेने की भी मांग कर रहे हैं।
आयोजकों ने समस्त किसान बंधुओं से किसान एकता का परिचय देते हुए 30 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि एकजुट होकर ज्ञापन के माध्यम से किसानों की समस्याओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अफीम नीति में आवश्यक संशोधन कर किसानों को राहत मिल सके।