चित्तौड़गढ़। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में युवाओं की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से 30 अक्टूबर को जयपुर में चिल्ड्रन एंड यूथ लीड क्लाइमेट वर्कशॉप राजस्थान का आयोजन किया जाएगा। यूनिसेफ राजस्थान द्वारा माय भारत के सहयोग और अरावली की साझेदारी में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में राजस्थान के विभिन्न युवा कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
इस कार्यशाला में श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य आकाश टांक भी प्रतिभागी के रूप में सहभागिता करेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों की जानकारी देने के साथ उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलवायु कार्रवाई के लिए ठोस पहल और समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यशाला के दौरान जलवायु नीति एवं जागरूकता, ग्रीन जॉब्स, ग्रीन फाइनेंस, कार्बन क्रेडिट तथा जलवायु कार्रवाई में युवाओं की भूमिका और उपलब्ध अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही समूह चर्चा और गतिविधियों के माध्यम से युवा अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सुझाव और कार्ययोजनाएं तैयार करेंगे।
कार्यशाला में युवाओं से प्राप्त सुझावों को आगामी राजस्थान क्लाइमेट कॉन्क्लेव की प्राथमिकताओं और सिफारिशों से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा, कार्यशाला से चयनित युवा प्रतिनिधियों को क्लाइमेट कॉन्क्लेव में सहभागिता के लिए प्रस्तावित किए जाने का भी प्रावधान है।
आकाश टांक ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज केवल पर्यावरण तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव जल संसाधनों, कृषि, रोजगार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ रहा है। ऐसे में युवाओं की भागीदारी केवल चर्चा तक सीमित न रहकर स्थानीय स्तर पर ठोस समाधान और प्रभावी कार्रवाई तक पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जयपुर में आयोजित यह कार्यशाला युवाओं को जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों को समझने, विशेषज्ञों के साथ संवाद करने और अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए नए विचार एवं व्यावहारिक कार्ययोजनाएं विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।