मंदसौर। आगामी त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदसौर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने कार्बाइड गन सहित तेज आवाज करने वाले प्रतिबंधित उपकरणों के निर्माण, भंडारण और उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, मेला परिसरों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रतिबंधित उपकरणों के इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई-
कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा करने के साथ शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी अनुविभागीय दंडाधिकारियों, कार्यपालिक दंडाधिकारियों और थाना प्रभारियों को सौंपी गई है।
प्रशासन के अनुसार, प्रतिबंधित उपकरणों के निर्माण, भंडारण या उपयोग की जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिक ऐसे उपकरणों की सूचना नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दे सकते हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक स्थलों और पंडालों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम-
त्योहारों के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, मेला परिसरों और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार दमकल वाहन और प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी तैनात किए जाएंगे। अस्थायी पंडालों और मंचों में ज्वलनशील सामग्री के उपयोग पर नियंत्रण रखने के साथ विद्युत व्यवस्था की जांच की जाएगी। खुले तारों और ओवरलोडिंग जैसी खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन रास्ते बाधामुक्त रखने के निर्देश-
आयोजन स्थलों पर दमकल और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ते तथा निकास द्वार खाली रखने होंगे। आतिशबाजी की दुकानों, अस्थायी दुकानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों का प्रशासनिक दल नियमित निरीक्षण करेगा।
आयोजकों को अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखने तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। संभागीय संयुक्त संचालकों, नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं निगरानी करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों में कमी या नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य त्योहारों के दौरान आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका कम करना तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।