नीमच। फार्मेसी शिक्षा को किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को औद्योगिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से RRM इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, भाटखेड़ा, नीमच द्वारा विशेष शैक्षणिक पहल की गई है। इसके तहत 2 नवंबर 2026 को बी.फार्मा पाठ्यक्रम के 40 विद्यार्थी और 4 फैकल्टी सदस्य नीमच स्थित गवर्नमेंट अफीम एंड एल्कलॉइड वर्क्स (GOAW) का औद्योगिक शैक्षणिक भ्रमण करेंगे।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत संचालित GOAW अफीम के प्रसंस्करण और औषधीय एल्कलॉइड के निर्माण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाई है। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और नियामकीय प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
औषधि निर्माण प्रक्रिया को समझेंगे विद्यार्थी-
भ्रमण के दौरान विद्यार्थी मॉर्फिन सल्फेट, कोडीन फॉस्फेट, थेबाइन, नॉस्कैपिन और पैपावेरिन जैसे औषधीय घटकों के निर्माण एवं प्रसंस्करण से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही वे प्रोडक्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग, क्वालिटी कंट्रोल (QC), क्वालिटी एश्योरेंस (QA), इंडस्ट्रियल फार्मेसी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) तथा रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसे विभागों की कार्यप्रणाली को भी समझेंगे।
यह भ्रमण विद्यार्थियों को फार्मास्युटिकल उद्योग में अपनाए जाने वाले गुणवत्ता मानकों, उत्पादन प्रक्रियाओं और नियामकीय आवश्यकताओं से परिचित कराने में सहायक होगा। इससे उन्हें कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को औद्योगिक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का प्रयास-
RRM ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन संजय मंगल ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करना है। GOAW जैसी राष्ट्रीय महत्व की इकाई का भ्रमण विद्यार्थियों को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को समझने में मदद करेगा। इससे उन्हें प्रोडक्शन ऑफिसर, QC एनालिस्ट, QA एग्जीक्यूटिव और रिसर्च एसोसिएट जैसे पदों के लिए आवश्यक व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
संस्थान का मानना है कि इस तरह के औद्योगिक शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में व्यावसायिक दक्षता और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।