चित्तौड़गढ़। सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में शुक्रवार को विज्ञान प्रदर्शनी और अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। विज्ञान प्रदर्शनी में कैडेट्स ने विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक नवाचारों पर आधारित आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं, अभिभावक-शिक्षक बैठक में कैडेट्स की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन और सर्वांगीण विकास को लेकर चर्चा की गई।
विज्ञान प्रदर्शनी में दिखी कैडेट्स की वैज्ञानिक सोच
स्कूल के अकादमिक भवन में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने किया। कार्यक्रम का आयोजन उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार के निर्देशन में किया गया। स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि श्विज्ञान में महिलाएं रू विकसित भारत को गति देनाश् थीम पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्देश्य कैडेट्स में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना था।
प्रदर्शनी में विभिन्न हाउस एवं क्लबों के कैडेट्स ने विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जुड़े मॉडल प्रस्तुत किए। लव हाउस के कैडेट्स ने लावा लैंप और कृत्रिम रंगों से संबंधित मॉडल प्रदर्शित किए। कुश हाउस के कैडेट्स ने टिंडल प्रभाव एवं मानव श्वसन तंत्र के मॉडल के माध्यम से प्रकाश के प्रकीर्णन और सांस लेने की प्रक्रिया को समझाया।
प्रताप सदन के कैडेट्स ने सौर ऊर्जा से संचालित कूलर और दुर्घटना मुक्त भारत की अवधारणा पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। जयमल हाउस के कैडेट्स ने क्लैप स्विच का मॉडल प्रदर्शित किया, जबकि हमीर हाउस के कैडेट्स ने कृत्रिम गुर्दे और एलिफेंट टूथपेस्ट के प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कुम्भा सदन के कैडेट्स ने अग्निशमन रोबोट के माध्यम से आग बुझाने में आधुनिक तकनीक की उपयोगिता बताई। सांगा हाउस के कैडेट्स ने स्मार्ट सिटी और चुंबकीय विद्युत से संबंधित मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक क्लब ने रिवर क्लीनिंग बोट और यू-टर्न रोड सेफ्टी के मॉडल प्रदर्शित किए।
अशोका सदन के कैडेट्स ने कार डिटेक्टिंग सिस्टम और फ्लड डिटेक्टिंग सिस्टम के मॉडल प्रस्तुत किए। इसके अलावा रॉकेट सिस्टम, फ्लोटिंग मॉडल और एआई रोबोटिक्स क्लब के आधुनिक रोबोटिक मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहे। दर्शकों ने कैडेट्स की रचनात्मकता और तकनीकी प्रतिभा की सराहना की।
प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है और इसके महत्व को समझना आवश्यक है। इस प्रकार की प्रदर्शनियों से कैडेट्स में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ती है तथा उन्हें नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
अभिभावक-शिक्षक बैठक में कैडेट्स की प्रगति पर चर्चा
सैनिक स्कूल में आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठक का उद्देश्य कैडेट्स के शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा करना और उनके बेहतर भविष्य के लिए स्कूल तथा अभिभावकों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।
प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने कहा कि स्कूल कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के साथ शारीरिक दक्षता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल का उद्देश्य कैडेट्स को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट बनाने के साथ जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के सक्षम नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना है।
उन्होंने अभिभावकों से स्कूल के प्रयासों में सहयोग करने और बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि बैठक के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को कैडेट्स की शैक्षणिक उपलब्धियों, उपस्थिति, अनुशासन और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। अभिभावकों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया।
बैठक में बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास में स्कूल और अभिभावकों की संयुक्त भूमिका पर जोर दिया गया। शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और अनुशासित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।