मंदसौर। खाद्य पदार्थों में लगातार सामने आ रही मिलावट, नकली एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य सामग्री के निर्माण और विक्रय के विरुद्ध मंदसौर सर्व समाज एवं दशपुर जागरूक नागरिक मंच के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जनहित में आवाज उठाई। इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम जिला कलेक्टर मंदसौर के माध्यम से ज्ञापन कोतवाली पुलिस के अधिकारी को सौंपा गया।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विनय दुबेला ने कहा कि खाद्य सामग्री में मिलावट केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और मानव जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ है। दूध, घी, तेल, मावा, पनीर, मिठाई, मसाले, दाल, आटा, नमकीन एवं अन्य दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंकाएं चिंताजनक हैं। विशेषकर बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। चंद रुपयों के लालच में लोगों के जीवन को खतरे में डालने वाले ऐसे कृत्यों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
दुबेला ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध केवल औपचारिक जांच और जुर्माने की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए प्रशासन को सख्त एवं निरंतर अभियान चलाना होगा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर दूध डेयरियों, मिठाई दुकानों, मावा-पनीर निर्माताओं, खाद्य तेल विक्रेताओं, गोदामों एवं खाद्य निर्माण इकाइयों की सघन जांच की जाए।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूनों की 48 घंटे के भीतर प्राथमिक जांच कराई जाए तथा विधिक नमूनों को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजकर निर्धारित समय-सीमा में रिपोर्ट प्राप्त की जाए। मिलावटखोरों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा भारतीय न्याय संहिता की लागू धाराओं में कठोर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं। दोषी पाए जाने पर कारावास एवं अर्थदंड सहित कठोरतम वैधानिक सजा दिलाई जाए।
इसके अतिरिक्त मिलावटी सामग्री जब्त कर नियमानुसार नष्ट करने, दोषी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त एवं इकाइयों को सील करने, मिलावट के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई। स्कूलों, आंगनवाड़ियों, छात्रावासों, अस्पतालों, धार्मिक आयोजनों एवं सार्वजनिक भोजनालयों में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री की विशेष जांच करने तथा आम नागरिकों के लिए शिकायत हेल्पलाइन जारी करने का आग्रह किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता वर्दीचन्द कुमावत व बंशीलाल टांक ने कहा कि शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। शासन एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आमजन को सुरक्षित एवं मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध हो। मध्यप्रदेश शासन इस विषय पर विशेष अभियान चलाकर मिलावटखोरों के विरुद्ध ऐसी कठोर कार्रवाई करे, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति नागरिकों के स्वास्थ्य एवं जीवन से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
इस अवसर पर वर्दीचंद जी कुमावत, मुकेश जी चनाल, डॉ. रविंद्र जी पांडे, यशपाल सिंह जी पवार, विनोद जी मेहता, विनय दुबेला, कमलेश जी नागदा, नरेंद्र सिंह जी चौहान, घनश्याम जी बटवाल, अजीजुल्लाह खान, बंसीलाल जी टाक, शंभूसेन जी राठौड़, बाबूलाल जी चौधरी, भूपेंद्र सिंह चंद्रावत सहित मंदसौर सर्व समाज, जिला धार्मिक उत्सव समिति मंदसौर एवं दशपुर जागरूक नागरिक मंच के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं साथी उपस्थित रहे।
सभी उपस्थितजनों ने एक स्वर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए जनस्वास्थ्य एवं मानव जीवन की सुरक्षा के लिए इस अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर रविंद्र पाण्डे ने किया एवं ज्ञापन का वाचन मुकेश चनाल द्वारा किया गया।