BREAKING NEWS
REPORT : नीमच में अवैध खनिज कारोबार पर कलेक्टर का.. <<     KHABAR : नीमच कलेक्ट्रेट में खाली थाली बजाकर किया.. <<     KHABAR : सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विधिक.. <<     KHABAR : आप ईसाई धर्म अपना लो, सारे कष्ट दूर हो.. <<     KHABAR : खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध.. <<     पटाखा गोदाम में भीषण धमाका, दो की.. <<     BIG UPDATE : छह दिन मंडी रहेगी बंद, आखिरी कारोबारी.. <<     BIG NEWS : नीमच में सीमांकन विवाद फिर चर्चा में, एक.. <<     VIDEO NEWS: इंदौर में पुलिस कस्टडी पर सवाल: जेल वारंट.. <<     वोट बचाओ-देश बचाओ' अभियान के तहत गांवों में.. <<     BIG NEWS : सेवानिवृत्ति के बाद भी अपनी मांगों के.. <<     KHABAR : पुलिस और 80 हजार के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर.. <<     BIG NEWS : एमपी कांग्रेस में नियुक्ति, बैजनाथ.. <<     NEWS : पत्रकारों की सुरक्षा पर राजस्थान पुलिस का.. <<     दीपावली पर जावरा पुलिस अलर्ट, बाजारों में.. <<     BIG NEWS : दीपावली पर्व को लेकर झाबुआ पुलिस अलर्ट,.. <<     NEWS UPDATE: इस बार कितने में मिल रहे हैं पटाखे? कौन-सी.. <<     KHABAR : केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी एमपी से.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
November 5, 2026, 5:32 pm
BIG NEWS : नीमच में सीमांकन विवाद फिर चर्चा में, एक ही जमीन पर दो पक्षों के अलग-अलग दावे, कोई मांग रहा अपनी खातेदारी का हक तो कोई बता रहा 100 साल पुराना कब्जा, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। जमीन के सीमांकन और कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के बीच गुरुवार को राजस्व अमला मौके पर पहुंचा। मामला मंजू बम और मोहिनी बाई सहित उनके तीन पुत्रों से जुड़ा है। आवेदक पक्ष के अधिवक्ता कृष्णा शर्मा के अनुसार 31 जनवरी 2023 को किए गए सीमांकन में अनावेदक पक्ष की खातेदारी भूमि 0.352 हेक्टेयर के मुकाबले मौके पर 0.861 हेक्टेयर भूमि पाई गई थी। इसके बाद मंजू बम ने अतिरिक्त कब्जे से अपनी खातेदारी की जमीन दिलाने के लिए तहसील न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने 28 अक्टूबर 2023 को कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया था।

आवेदक शलभ बम ने कहा कि उन्हें केवल अपनी खातेदारी की जमीन चाहिए और शासकीय भूमि से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, अनावेदक राधेश्याम धनगर का कहना है कि उनका परिवार पिछले 100 वर्षों से उक्त जमीन पर काबिज है। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि पर शासन अपना अधिकार ले, लेकिन पड़ोसी को कब्जा नहीं दिया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, अनावेदक पक्ष के अधिवक्ता ने आदेश की प्रति प्राप्त नहीं होने की बात कही। उन्होंने बताया कि आदेश का अध्ययन करने के बाद नियमानुसार अपील की जाएगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE