नीमच। जमीन के सीमांकन और कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के बीच गुरुवार को राजस्व अमला मौके पर पहुंचा। मामला मंजू बम और मोहिनी बाई सहित उनके तीन पुत्रों से जुड़ा है। आवेदक पक्ष के अधिवक्ता कृष्णा शर्मा के अनुसार 31 जनवरी 2023 को किए गए सीमांकन में अनावेदक पक्ष की खातेदारी भूमि 0.352 हेक्टेयर के मुकाबले मौके पर 0.861 हेक्टेयर भूमि पाई गई थी। इसके बाद मंजू बम ने अतिरिक्त कब्जे से अपनी खातेदारी की जमीन दिलाने के लिए तहसील न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने 28 अक्टूबर 2023 को कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया था।
आवेदक शलभ बम ने कहा कि उन्हें केवल अपनी खातेदारी की जमीन चाहिए और शासकीय भूमि से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, अनावेदक राधेश्याम धनगर का कहना है कि उनका परिवार पिछले 100 वर्षों से उक्त जमीन पर काबिज है। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि पर शासन अपना अधिकार ले, लेकिन पड़ोसी को कब्जा नहीं दिया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, अनावेदक पक्ष के अधिवक्ता ने आदेश की प्रति प्राप्त नहीं होने की बात कही। उन्होंने बताया कि आदेश का अध्ययन करने के बाद नियमानुसार अपील की जाएगी।