उज्जैन। उज्जैन कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ADM कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक शिकायत पर कार्रवाई शिकायतकर्ता के पक्ष में कराने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। गुरुवार 5 नवंबर को लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार, नागदा के बिरलाग्राम निवासी बृजेश विश्वकर्मा ने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि वर्ष 2019 में उसकी मां विजयलक्ष्मी के नाम पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन जारी हुआ था, लेकिन परिवार को न तो गैस कनेक्शन मिला और न ही सिलेंडर। आरोप है कि उनके नाम पर जारी 14 गैस सिलेंडर किसी अन्य व्यक्ति को वितरित कर दिए गए।
इस मामले में बृजेश ने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में शिकायत की थी। जांच के बाद खाद्य विभाग ने प्रकरण ADM कार्यालय भेज दिया। आरोप है कि यहां पदस्थ बाबू रोहित गोठवाल ने मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में कार्रवाई कराने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया। गुरुवार को शिकायतकर्ता ने जैसे ही आरोपी बाबू को 20 हजार रुपए दिए, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त अधिकारी दीपक सेजवार ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता और जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत पोरवाल ने ADM अतेन्द्र सिंह गुर्जर की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी प्रकरण में राहत देने या निर्णय लेने का अधिकार सक्षम अधिकारी के पास होता है, ऐसे में बाबू अकेले शिकायतकर्ता के पक्ष में कार्रवाई कराने का भरोसा कैसे दे सकता था। उन्होंने ADM की भूमिका की जांच कर संलिप्तता मिलने पर उन्हें भी सह-आरोपी बनाने की मांग की है।
फिलहाल लोकायुक्त पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।