भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री फेलो (CM Fellow) भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भर्ती प्रक्रिया में नियमों और तिथियों में अचानक बदलाव किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को पारदर्शी अवसर देना नहीं, बल्कि अपने चहेतों और आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोगों को पिछले दरवाजे से उपकृत करना है।
अंतिम तिथि में अचानक बदलाव पर खड़े किए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि सीएम फेलो भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि पहले 11 नवंबर निर्धारित थी, जिसे अचानक घटाकर 6 नवंबर कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों की गई और अंतिम तारीख घटाने के पीछे क्या मंशा थी?
उमंग सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, जबलपुर सहित 9 जिलों में सीएम फेलो के पदों पर भर्ती के लिए न तो कोई बड़ा विज्ञापन जारी किया गया और न ही उचित सार्वजनिक सूचना दी गई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि किसी खास व्यक्ति की कुर्सी पहले ही पक्की करनी थी, इसीलिए यह पूरा खेल रचा गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार की मौजूदा भर्ती व्यवस्था पूरी तरह से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बन चुकी है।
सरकार से पूछे तीखे सवाल
उमंग सिंघार ने सरकार से कड़े शब्दों में जवाब मांगते हुए कहा है कि जब पीछे के दरवाजे से ही चहेतों को नियुक्त करने का मन बना लिया गया था, तो इस तरह की भर्ती का ढोंग क्यों रचा जा रहा है? उन्होंने मांग की है कि युवाओं के साथ हो रहा यह अन्याय तुरंत बंद किया जाए और भर्ती प्रक्रिया में बरती गई अनियमितता पर सरकार स्पष्टीकरण दे।