भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की खाली हुई सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिए गए हैं। गुरुवार को नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होते ही निर्वाचन अधिकारी ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कर दी। एकमात्र वैध उम्मीदवार होने के चलते उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित किया गया।
नामांकन वापसी की सीमा समाप्त होते ही जारी हुआ प्रमाण पत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के तहत गुरुवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि तय थी। नाम वापसी का निर्धारित समय समाप्त होते ही हरदीप सिंह पुरी के सामने कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं बचा, जिसके बाद उन्हें विधिवत निर्वाचित घोषित कर दिया गया। हेमंत खंडेलवाल ने लिया प्रमाण पत्र: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की गैरमौजूदगी में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधानसभा पहुंचकर निर्वाचन अधिकारी से राज्यसभा सांसद का आधिकारिक प्रमाण पत्र (Certificate of Election) प्राप्त किया।
निर्दलीय प्रत्याशी का फॉर्म निरस्त होने से साफ हुआ रास्ता
गौरतलब है कि इस राज्यसभा सीट के लिए निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी ने भी नामांकन दाखिल किया था, जिन्हें कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया था। तकनीकी खामी से रद्द हुआ था फॉर्म: नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) के दौरान फॉर्म 26 की अनिवार्य जानकारी न होने और तकनीकी त्रुटियों के चलते निर्दलीय प्रत्याशी का फॉर्म रद्द कर दिया गया था।
एकमात्र उम्मीदवार
निर्दलीय प्रत्याशी का फॉर्म निरस्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ही एकमात्र वैध उम्मीदवार बचे थे, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया था। हरदीप सिंह पुरी के मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने पर बीजेपी प्रदेश संगठन और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।