बुरहानपुर। प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत गुरुवार दोपहर 2 बजे से बुरहानपुर में भी सफाईकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल पर जाने से पहले सफाईकर्मी और अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर भागीरथ वाखला को सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संगठन मंत्री कालु जंगाले ने कहा कि सफाईकर्मी पिछले 20 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। 29 अक्टूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन और जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिए गए थे। इसके बाद 3 नवंबर को भोपाल में भी आंदोलन किया गया, लेकिन वहां मुख्यमंत्री के नहीं पहुंचने और मांगों पर समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों में नाराजगी है।
जंगाले ने बताया कि पिछली रात प्रमुख सचिव और नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री कार्यालय पर डाल दी। ऐसे में कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
दीपावली पर जूते-चप्पलों का हार लेकर बैठेंगे कर्मचारी
प्रदेश संगठन मंत्री कालु जंगाले ने कहा कि इस बार सफाईकर्मी दीपावली का त्योहार काले रूप में मनाएंगे। बुरहानपुर में कर्मचारी गांधी चौक पर जूते-चप्पलों का हार लेकर बैठेंगे और वहीं दीपावली मनाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी और जगह-जगह कचरा नजर आएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
सफाईकर्मी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान, स्वेच्छा से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी के परिवार के सदस्य को नौकरी, आबादी के अनुपात में सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाना, रोस्टर प्रणाली समाप्त करना और विनियमितीकरण के तहत कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना प्रमुख हैं।
इसके अलावा नगर निगमों और नगर पालिकाओं में सफाई के ठेके पूरी तरह समाप्त करने, सफाईकर्मी पति-पत्नी में से किसी एक की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति देने और सफाई कामगार वर्ग के लिए सीधी भर्ती के नियमों में छूट देने की मांग भी शामिल है।
सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से अब शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। वहीं, कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटने का ऐलान किया है।