मंदसौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनके मकानों का कानूनी मालिकाना हक दिला रही है। योजना के तहत मकानों की रजिस्ट्री कराकर ग्रामीणों को स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे वर्षों से अपने मकानों में रह रहे ग्रामीणों को अब कानूनी रूप से मालिकाना हक मिल रहा है।
मंदसौर तहसील के ग्राम अगोरिया में आयोजित कार्यक्रम में सांसद सुधीर गुप्ता एवं राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने यह बात कही। इस अवसर पर स्वामित्व योजना की सूची में शामिल अंतिम हितग्राही समरथ पिता भेरूलाल के 1700 वर्गफीट क्षेत्र में बने मकान की भी रजिस्ट्री की गई। इसके साथ ही ग्राम अगोरिया में सभी 80 रजिस्ट्रियों का कार्य पूरा कर लक्ष्य हासिल कर लिया गया। मंदसौर तहसील के ग्राम साकलखेड़ा और रीन्दवा में भी शत-प्रतिशत रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है।
कार्यक्रम में सांसद द्वय ने स्वामित्व योजना के हितग्राहियों का फूलमालाओं से स्वागत कर सम्मान किया। सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि धनतेरस के शुभ अवसर पर ग्रामीणों को स्वामित्व योजना का लाभ मिलना खुशी का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीणों की समस्या को समझते हुए यह योजना शुरू की, जिससे अब बिना दस्तावेज के अपने मकानों में रह रहे लोगों को रजिस्ट्री के माध्यम से कानूनी मालिकाना हक मिल रहा है।
राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि ग्रामीण पीढ़ियों से अपने मकानों में रह रहे थे, लेकिन उनके पास स्वामित्व के पुख्ता दस्तावेज नहीं थे। इसके कारण उन्हें बैंक से ऋण लेने में भी परेशानी होती थी। अब योजना के तहत रजिस्ट्री के दस्तावेज मिलने से उनकी यह चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि मकानों की रजिस्ट्री का खर्च शासन द्वारा वहन किया जा रहा है और ग्रामीणों को इसके लिए राशि खर्च नहीं करनी पड़ रही है।
कार्यक्रम में एसडीएम शुभम पाटीदार, तहसीलदार नीलेश पटेल और ग्राम पंचायत सरपंच घनश्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तहसीलदार नीलेश पटेल ने किया। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत अब तक किए गए रजिस्ट्री कार्य की जानकारी भी दी।