ग्वालियर। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही ग्वालियर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बाजार सजकर तैयार हैं और खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। कहीं मिट्टी के दीये और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां आकर्षित कर रही हैं तो कहीं पूजा सामग्री, खील-बताशे और खिलौनों की दुकानों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं। घरों की सजावट से लेकर पूजन की तैयारियों तक लोग अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं।
100 रुपए में मिल रहे 100 मिट्टी के दीये
दीपावली पर पूजन के लिए मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है। बाजार में साधारण दीयों के साथ कई डिजाइन और वैरायटी के सजावटी दीये उपलब्ध हैं।
छोटे-बड़े दीयों के अलावा करवा मुंह वाले और रंग-बिरंगे दीये भी ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। मिट्टी के दीये बेचने वाली इंदू प्रजापति ने बताया कि इस बार 100 रुपए में 100 दीये बिक रहे हैं। इसके अलावा आकर्षक डिजाइन वाले दीयों की भी कई वैरायटी उपलब्ध हैं।
खील-खिलौनों की दुकानों पर भी भीड़
दीपावली पूजन में इस्तेमाल होने वाली खील और खिलौनों की खरीदारी भी तेज हो गई है। बाजार में खील के साथ पारंपरिक खिलौने भी बिक रहे हैं। दुकानदार शुभम ने बताया कि खील करीब 200 रुपए प्रति किलो और खिलौने 200 से 300 रुपए प्रति किलो तक बिक रहे हैं। लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए लोग इनकी खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा पूजा की थाली, रोली, चावल, बताशे और अन्य पूजन सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहक पहुंच रहे हैं।
रंग-बिरंगी लाइटिंग और सजावटी सामान की धूम
घरों को आकर्षक तरीके से सजाने के लिए बाजार में लाइटिंग की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। स्टार लाइट, क्रैकर्स लाइट, रंग-बिरंगी बीडिंग, झालर और आकर्षक झूमर ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं।
इसके अलावा विंड चाइम, सजावटी पौधे और पेड़ सहित घर की सजावट से जुड़ा सामान भी खरीदा जा रहा है। दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद को देखते हुए अलग-अलग डिजाइन और रेंज के उत्पाद सजाए हैं।
हर बाजार में दिख रही त्योहार की चमक
महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, टोपी बाजार, नजरबाग, सुभाष मार्केट और दौलतगंज में दीपावली की खरीदारी का उत्साह दिखाई दे रहा है। बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए बाजारों के आसपास आठ स्थान तय किए गए हैं, जबकि पांच प्रमुख मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है।
इसके अलावा जाम से बचने के लिए बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को खरीदारी में परेशानी न हो और बाजारों में आवागमन सुचारू बना रहे।