रतलाम। दीपावली के पावन पर्व पर पूरे देश में मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां होती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के रतलाम शहर का प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर अपनी एक अनूठी और अद्भुत परंपरा के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी जी के बड़े मंदिर में फूलों या बिजली की झालरों से नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की नकदी, नोटों की गड्डियों और सोने-चांदी के आभूषणों से माता का भव्य शृंगार किया गया है। यह मंदिर इन दिनों किसी कुबेर के खजाने की तरह जगमगा रहा है।
300 साल पुरानी रियासतकालीन परंपरा
स्थानीय मान्यताओं और इतिहास के अनुसार, यह मंदिर करीब 300 वर्ष से अधिक पुराना और रियासतकालीन है। किंवदंती है कि रतलाम रियासत के संस्थापक महाराजा रतनसिंह राठौर दीपावली के अवसर पर शाही खजाने के आभूषण माता के शृंगार के लिए अर्पित करते थे। राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली की कामना से यह परंपरा शुरू हुई थी। माताजी की प्रतिमा की यह विशेषता है कि उनके हाथ में कुबेर की पोटली है। यही वजह है कि यहाँ की ‘कुबेर पोटली’ पाने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी श्रद्धालु लालायित रहते हैं।
भक्तों की अमानत से सजता है दरबार, दीपोत्सव के बाद होती है वापसी
इस भव्य सजावट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगी संपदा किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि सैकड़ों-हजारों श्रद्धालुओं की है। 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का योगदान: इस बार देश-विदेश के 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार नकदी और आभूषण मंदिर में जमा कराए हैं। मंदिर प्रबंधन बकायदा इसका पूरा रिकॉर्ड (पंजीयन/टोकन) रखता है। कुबेर पोटली के साथ वापसी: धनतेरस से लेकर भाईदूज तक माता के दरबार में यह संपदा सजाई जाती है। इसके बाद दीपोत्सव संपन्न होने पर यही सामग्री संबंधित श्रद्धालुओं को ‘कुबेर पोटली’ के रूप में सुरक्षित वापस लौटा दी जाती है।
नोटों की तितलियां और सिक्कों का कल्पवृक्ष
इस वर्ष मंदिर में सजावट के कुछ नए और अनूठे प्रयोग किए गए हैं। सिक्कों का कल्पवृक्ष (पेड़): मंदिर परिसर में सिक्कों से एक आकर्षक कल्पवृक्ष तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। नोटों की तितलियां व नारियल: 10, 20, 50, 100 और 200 रुपये के नोटों से सुंदर तितलियां बनाकर पेड़ पर सजाई गई हैं। इसके अलावा, कल्पवृक्ष पर 21 नारियल और 1,200 सिक्कों की आकर्षक लटकनें लगाई गई हैं।
कलेक्टर-एसपी की मौजूदगी में खुलेगा खजाना, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
करोड़ों रुपये के इस खजाने और शृंगार की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आज कलेक्टर अजय कटेसरिया और एसपी अमित कुमार की मौजूदगी में कुबेर का खजाना खुलेगा। पुलिस और सीसीटीवी पहरा: मंदिर परिसर और आसपास के बाजार क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बाजार में 30 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर में सशस्त्र बल (एक-चार का बल) तैनात है, साथ ही महिला एस्कॉर्ट, पैदल गश्त दल और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अलग से पुलिस बल मुस्तैद किया गया है।