खरगोन। पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को धार्मिक उल्लास और उत्साह के साथ हुई। तिथियों के घट-बढ़ के चलते सुबह बछ बारस मनाई गई, वहीं दोपहर बाद धनतेरस का विशेष संयोग रहा। इस दौरान शहर में सुबह से लेकर शाम तक धार्मिक आयोजनों और पूजन-अर्चन का दौर चलता रहा।
कार्तिक मास की द्वादशी यानी बछ बारस (चवला) पर महिलाओं ने परंपरागत रूप से गाय और बछड़े की पूजा-अर्चना की। शहर की ग्रीन गोल्ड कॉलोनी, नूतन नगर, पटेल नगर, तालाब चौक और पहाड़सिंगपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से गाय-गोहरे का पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
महिलाओं ने गाय और बछड़े को चने की दाल, चवले और फल खिलाकर आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि धनतेरस पर माता लक्ष्मी के पूजन से पहले बछ बारस पर गाय-बछड़े की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस अवसर पर घरों में चवले की सब्जी और ज्वार की रोटी का पारंपरिक भोजन भी बनाया गया।
वहीं शाम होते ही निमाड़ अंचल में छोटी दीपावली के रूप में मनाई जाने वाली धनतेरस की रौनक दिखाई दी। घर-घर में माता लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया और महाआरती के बाद आकाशीय आतिशबाजी कर दीपोत्सव की खुशियां मनाई गईं। सुबह गाय-बछड़े की पूजा से शुरू हुआ पर्व शाम को माता लक्ष्मी के पूजन के साथ भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ।