भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड और कार्यशैली को लेकर निशाना साधा है। भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी का संगठन में जैसे-जैसे प्रमोशन हुआ, देश में कांग्रेस का वैसे-वैसे डिमोशन होता गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सक्रिय होने के साथ कांग्रेस के विधायकों और सांसदों की संख्या लगातार घटती चली गई।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के श्वोट चोरीश् और एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी लगातार हो रही राजनीतिक हार छिपाने के लिए कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर देश में अराजकता फैलाने की साजिश रच रही है।
राहुल का कद बढ़ा, कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटी
प्रेम शुक्ला ने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर के आंकड़े रखते हुए कहा कि 2008 में जब उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया, तब देशभर में कांग्रेस के 1182 विधायक थे। 2014 में उन्हें प्रमोट करके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया, तब यह संख्या घटकर 883 रह गई।
इसके बाद 2017 में जब राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया, तो विधायकों की संख्या सिमटकर 807 रह गई। 2024 में नेता प्रतिपक्ष बनने तक कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर आधी यानी 654 रह गई। शुक्ला ने कहा कि आज भाजपा के पास 1819 विधायक हैं, जो कांग्रेस से लगभग तीन गुना हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी इस नाकामी को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान (एसआईआर) पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
संसद छोड़कर सड़क पर बहस की चुनौती दे रहे राहुल
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी को बिना किसी आंकड़े और तथ्य के सिर्फ श्फीलिंगश् आती है कि वोट चोरी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि 1967 से तमिलनाडु, 1977 से बंगाल, 1989 से उत्तर प्रदेश और 1990 से बिहार में कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं है, तो क्या पिछले 5 से 7 दशकों से देश में वोट चोरी हो रही थी?
शुक्ला ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सड़क पर बहस की चुनौती दे रहे हैं, जबकि संविधान ने बहस के लिए संसद का सदन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी संसद का सत्र चलता है, राहुल गांधी हंगामा करके भाग खड़े होते हैं।
उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में बिहार एसआईआर को लेकर दायर सभी 18 याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं, क्योंकि कांग्रेस अदालत के सामने एक भी ऐसा वैध नागरिक पेश नहीं कर सकी, जिसका नाम गलत तरीके से काटा गया हो।
कांग्रेस शासन में दस बार हुआ एसआईआर, अब उठा रही सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण यानी एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में अब तक 12 बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें से 10 बार यह प्रक्रिया कांग्रेस के शासनकाल में हुई है।
उन्होंने कहा कि नेहरू, इंदिरा, राजीव और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में एसआईआर संवैधानिक था, लेकिन अब जब वोटर लिस्ट से फर्जी, मृत और दूसरे स्थानों पर स्थायी रूप से जा चुके लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस इसे असंवैधानिक बता रही है।
खंडेलवाल ने सवाल किया कि क्या किसी विदेशी नागरिक का नाम देश की वोटर लिस्ट में होना चाहिए? जो लोग मृत हो चुके हैं या स्थायी रूप से दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके हैं, क्या उनके नाम सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए?
भाजपा हर जिले में चला रही लोकतंत्र बचाओ अभियान
हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के भ्रमजाल और अराजकता के खिलाफ भाजपा श्लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओश् अभियान चला रही है। इंदौर, जबलपुर और भोपाल में विशाल रैलियों के बाद अब इस अभियान को प्रदेश के हर जिले तक ले जाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान को डॉक्टरों, वकीलों, समाज के प्रबुद्ध वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। खंडेलवाल ने दावा किया कि जब-जब पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची से चुनाव होते हैं, तब-तब कांग्रेस सत्ता से बाहर हो जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी बौखलाहट में कांग्रेस कार्यकर्ता महिला पुलिसकर्मियों, ठस्व् और पत्रकारों पर हमले कर रहे हैं। खंडेलवाल ने कहा कि इसका करारा जवाब प्रदेश और देश की जनता देगी।