रतलाम। समीपस्थ ग्राम धराड़ में सांसद और विधायक के वाहनों के काफिले का उस समय घेराव हो गया जब वे वहां से गुजर रहे थे। पुलिस और जयस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। अचानक हुए घटनाक्रम से धराड़ में हडक़ंप मच गया। रतलाम में बन रहे निवेश क्षेत्र का विरोध करते हुए जयस के हजारों का कार्यकर्ता जनप्रतिनिधियों के वाहनों के काफिले के सामने उग्र प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने मोर्चा संभालकर इन्हें हटाया तब जाकर इनका काफिला वहां से गुजर पाया।
इस समय हुआ हंगामा-
समीपस्थ ग्राम बड़छापरा में बिरसा मुंडा जयंती के मौके पर प्रशासनिक कार्यक्रम जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया तो दूसरी ओर आदिवासी समाज के भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर उनकी प्रतिमा स्थापना की जानी थी। प्रशासन के कार्यक्रम के बाद मौके से प्रशासन लौट रहा था। इसी दौरान दूसरी तरफ बड़छपरा में भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने जयस के सैंकड़ों कार्यकर्ता डीजे के साथ में रैली लेकर बड़छफरा जा रहे थे धराड़ में आदिवासियों की रैली जो की धराड़ के आसपास के क्षेत्र से आदिवासी आए हुए थे। धराड़ा में दोनों का आमना-सामना हुआ तो जयस के कार्यकर्ता काफिले के आगे जा बैठे और निवेश क्षेत्र का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे। सांसद गुमान सिंह डामोर और ग्रामीण विधायक दिलीप कुमार मकवाना के साथ प्रशासन का काफिला रोक दिया गया।
सांसद और विधायक मुर्दाबाद के नारे लगे-
काफिले को देखकर जयस कार्यकर्ता भडक़ गए और निवेश क्षेत्र हटाने को लेकर मांग करने पर धरना देकर जमीन पर बैठ गए। गुमान सिंह डामोर मुर्दाबाद, विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए जाने लगे। इनका आरोप था कि गुमान सिंह डामोर आदिवासियों के हत्यारे हैं और वे आदिवासियों के हितेषी नहीं है। इस दौरान धराड़ मुंदडी मार्ग करीब 1 घंटे तक जाम रहा।
भारी पुलिस बल तैनात-
धराड़ में हुए हंगामे के दौरान पुलिस और जयस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान किसी ने भीड़ में से एक पत्थर भी सांसद के वाहन की तरफ फैंका जिससे वाहन का कांच फूट गया। धक्कामुक्की के दौरान एएसपी सुनील पाटीदार, एसडीओपी संदीप निगवाल, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी सहित तमाम अधिकारी भीड़ से काफिले को बचाने का प्रयास करते रहे। इस दौरान कलेक्टर का सुरक्षा गार्ड घायल हो गया। आधे घंटे बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।