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November 17, 2022, 4:25 pm
BIG NEWS : अब ट्रू कॉलर की जरूरत नहीं, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने शुरू की ये तैयारी, आपके मोबाइल फोन में दिखेगा अनजान कॉलर का नाम, पढ़े खबर 

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नई दिल्ली। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राय) जल्द ही ऐसे उपाय शुरू करेगा जिसमें कॉल करते समय कॉलर का नाम रिसिवर के फोन की स्क्रीन पर  फ्लैश होगा.फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट में के अनुसार जो नाम फ्लैश किया जाएगा वह टेलीकॉम ऑपरेटरों के पास उपलब्ध यूजर्स के नो योर कस्टमर (केवाईसी)  रिकॉर्ड के अनुसार होगा

फेक कॉल्स में आएगी कमी
भारत के दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की यह पहल विभिन्न कारणों से आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आएगी. हम सभी ने धोखेबाजों के कॉल के कारण लोगों के साथ शरारत या बुरा व्यवहार करने, धोखाधड़ी करने और पैसे खोने के कई उदाहरण सुने हैं. भले ही ट्राई के इस कदम से सभी फोन घोटालों को खत्म नहीं किया जा सकेगा, लेकिन यह ऐसी घटनाओं के प्रति लोगों के संपर्क को सीमित कर देगा. एक बार यह कदम लागू हो जाने के बाद, एक (कॉल) रिसीवर टेलीकॉम ऑपरेटर को जमा किए गए केवाईसी रिकॉर्ड के अनुसार कॉल करने वाले का नाम देख सकेगा, भले ही कॉलर का नाम उसके फोन पर सेव ना हो.

इससे पहले ट्रू कॉलर देती थी डेटा-
अभी तक ट्रू कॉलर जैसे एप्लिकेशन कॉल करने वाले की पहचान प्रदान करते हैं, लेकिन क्योंकि ट्रू कॉलर के जरिए एकत्र किया गया डेटा क्राउडसोर्सिंग पर आधारित है, डेटा की प्रामाणिकता को सत्यापित नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा, लोगों के पास ट्रू कॉलर डायरेक्टरी से अपने नंबर को डीलिंक करने का विकल्प भी है इसलिए, ऐसे प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह से भरोसा या सत्यापन नहीं किया जा सकता है. ट्राई की पहल से इस बाधा को दूर करने की उम्मीद है.

सूत्रों के मुताबिक, कुछ समूहों ने ट्राई के विचार का विरोध करते हुए कहा कि यह निजता का उल्लंघन होगा, लेकिन ट्राई ने ऐसी आपत्तियों को खारिज कर दिया है. एफई की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विचार-विमर्श के बाद ट्राई अपनी सिफारिशें दूरसंचार विभाग को सौंपेगा जो अंतिम फैसला लेगा. 

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