नीमच। जिले में राज्य के अंदर तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सहभ्रमण कार्यक्रम 14 से 16 नवंबर 2022 तक कृषि विज्ञान केन्द्र नीमच पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तृतीय दिवस बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र नीमच के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सीपी पचौरी द्वारा धनिया फसल के उत्पाद के लिए जैविक सामग्री की भूमिका जैविक एवं प्राकृतिक खेती, डॉ. पीएस नरूका ने एफएस एसएआई, जीएसटी और उद्यम प्रमाण पत्र और उनकी प्रक्रिया की जानकारी दी तथा डॉ श्याम सिंह सांरगदेवोत ने धनिया फसल एवं अन्य मसाला फसलों में लगने वाले प्रमुख रोग, कीट नियंत्रण एवं उसके प्रबंधन के बारे में कृषकों को विस्तृ्त जानकारी दी।
डॉ. शिल्पी वर्मा ने धनिया के प्रोसिंसिंग प्लांट के लिए आवश्यक मशीनरी और अन्य उपकरणों संबंधी जानकारी दी। तत्पश्चात कृषकों से समूह चर्चा कर कृषकों, उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षार्थियों से तीन दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सहभ्रमण कार्यक्रम के निर्धारित प्रारूप में फीडबैक लिया एवं प्रशिक्षणार्थियों को कृषि वैज्ञानिकों एवं उप संचालक उद्यान के माध्यम से प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कार्यक्रम के समापन पर उप संचालक उद्यान अतर सिंह कन्नौर ने प्रशिक्षणाथियों तथा
उद्यमियों का आभार व्यक्त किया।