गरोठ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा नाबालिक बालक/बालिकाओ को दस्तयाब करने हेतु चलाए जा रहे आँपरेशन मुस्कान अभियान के अंतर्गत जिला मंदसौर में पुलिस अधीक्षक मंदसौर अनुराग सुजानिया, के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गरोठ) महेन्द्र तारणेकर, एवं एसडीओपी सीतामऊ/गरोठ निकिता सिंह के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी गरोठ कमलेश सिंगार द्वारा स्वयं के नेतृत्व में टीम गठित कर 07 वर्ष पूर्व हूई अपहृता बालिका को जगन्नाथ पुरी उडीसा से दस्तयाब किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना गरोठ पर दिनांक 10 फरवरी 16 को सुचनाकर्ता शिवलाल पिता प्रभुलाल बागरी निवासी गरोठ ने अपनी नाबालिक बहन के अपहरण की रिपोर्ट की थी जो रिपोर्ट पर थाना गरोठ पर अपराध क्र 42/16 धारा 363 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। जो अपहृता की काफी तलाश करते पिछले 07 वर्षों से कोई पता नही चल पा रहा था। अपहृता के परिजनो द्वारा उसे मृत मान लिया था।
थाना प्रभारी गरोठ कमलेश सिंगार द्वारा उक्त प्रकरण को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से प्राथिमकता लेकर मुखबीर तंत्र एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कड़ी से कडी जोडने पर अपहृता के उडीसा तरफ होने की जानकारी प्राप्त हुई। जिस पर वरिष्ट अधिकारियो को अवगत करा कर सायबर सेल की मदद से थाना प्रभारी गरोठ कमलेश सिंगार के नेतृत्व मे स्वयं 07 दिनो तक पुरी, भुवनेश्वर उडीसा आदि जगह अपहृता की तलाश करने के उपरांत अपहृता को जगन्नाथ पुरी, बालुगाँव उडीसा से दस्तयाब किया गया। अपहृता द्वारा पिछले 07 वर्षो मे स्वयं के साथ कोई आपराधिक घटना घटित होना नही बताया है अपहृता के कथन हेतु न्यायालय गरोठ मे पेश किया गया है।
उक्त कार्यवाई में निरीक्षक कमलेश सिंगार थाना प्रभारी गरोठ, उनि सुनिल कुमार, उनि ममता अलावा कासउनि बलवान सिंह देवडा, का प्रआर 47 चत्तरसिंह देवडा, प्रआर 639 आशीष बेरागी (सायबर सेल), आरक्षक 599 अनिल यादव, आरक्षक 762 इरफान, आर 504 मनीष बनोधा व महिला आरक्षक 566 रेखा भाटी का विशेष योगदान रहा है व पूरी टीम को पुलिस अक्षीक्षक द्वारा नगद राशि से पुरूस्कृत करने की घोषणा की है।