जीवन में चाहे - अनचाहे हज़ारो मौके आते है तस्वीरें खींचने और खिंचवाने के लेकिन आज कांग्रेस नेता साबिर मसूदी जी ने कब ये तस्वीरें खींच ली मुझे पता नहीं, पिछले कई सालो में खींची गयी तस्वीरों में यह तस्वीरें मेरे लिए सबसे ख़ास है उसके पीछे बेहद महत्वपपूर्ण कारण है
इस तस्वीर में नीमच की दो ख़ास शख्शियतें है दोनों सम्पादक तो है ही साथ में पत्रकारिता के भीष्म पितामाह भी एक है आदरणीय आरवी गोयल साहब और दूसरे है आदरणीय प्रेम प्रकाश जैन साहब और दोनों का ही मेरी पत्रकारिता में अहम योगदान है गोयल साहब की बात करू तो उनके साथ जीवन का एक लंबा अरसा निकला, उनसे पत्रकारिता सीखी और हमेशा मेरे नज़दीक उनका मुकाम पिता का ही रहा क्योकि पत्रकारिता के इतर कई ऐसे घटनाक्रम मेरी ज़िन्दगी से जुड़े है जिसमे उन्होंने एक पिता ही की तरह मेरा साथ निभाया
नब्बे के दशक में जब मेरे पिता गंभीर बीमार हुए तो उनका एक ऑपरेशन होना था, डॉक्टर्स ने मुझे एक पेपर साइन करने को दिया जिसमे लिखा था यदि ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत हो जाए तो समस्त जिम्मेदारी आपकी होगी, ऐसा पर्चा मैने पहली बार देखा था, जिसे देखकर घबरा गया तभी मेरे साथ खड़े आरवी भाईसाहब ने मुझे कहा ये फॉर्मल है, दस्तखत कर दे, वह ऑपरेशन चार घंटे चला और पिताजी तीन दिन बेहोश रहे उसके बाद उन्होंने 90 साल की उम्र पायी
आरवी भाईसाहब ने एक दिन मुझसे कहा तू वार्ड परिक्रमा कर बड़े लोगो के नाम तो अखबार में रोज़ छपते है वार्ड में जो लोग समस्याएं बताये उन्हें उन्ही के नाम से लिखना वे लोग ज़िन्दगी भर अखबार संभाल कर रखेंगे, और हुआ भी यही मैने उस समय के 36 वार्डो की वार्ड परिक्रमा की और पूरा शहर मुझे पहचानने लग गया ऐसे अनेक घटनाक्रम है और उनके साथ जिये हुए जीवन के कई बेहतरीन संस्मरण है, जिसे में कभी नहीं भुला सकता
दूसरी शक्शियत है प्रेम भाईसाहब जिनका नाम ही काफी है मैने उनके साथ अखबार में काम नहीं किया लेकिन नीमच की पत्रकारिता में उनके आवाज़ की जो खनक रही वो मुकाम शायद कोई हासिल नहीं कर पाए उनको मैने काफी नज़दीक से काम करते देखा उनकी पत्रकारिता में दस का दम रहा, गज़ब का अंदाज़ रहा प्रेम भाईसाहब का एडमिनिस्ट्रेशन से लेकर राजनीति तक हर कोई सूरमा उनकी चौखट पर सर नवाने आता था
आज आरवी भाईसाहब, आदरणीय प्रकाश मानव साहब, आदरणीय सम्पतलाल पटवा साहब, सुनील शर्मा जी, चंद्रेश ऐरन जी, राजेश मानव जी, अनंत पटवा जी से जिला प्रेस क्लब के कार्यक्रम में एक साथ मुलाक़ात हुयी नीमच के सभी ख्यातनाम सम्पादको का एक साथ मिलना एक दुर्लभ पल था इसके लिए में जिलाध्यक्ष राहुल जी जैन का दिल से आभारी हूँ